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कोरोना वैक्सीन बनाने में डॉ सुमति और इन महिला वैज्ञानिकों की मेहनत रंग लायी

Posted: जनवरी 6, 2021

कोरोना वैक्सीन के लिए दुनियाभर में कई महिला वैज्ञानिक टीम लीड कर रही हैं। इसी में भारत से हैं डॉ सुमति जो कोवाक्सिन की कोर टीम मेम्बर हैं।

हम कोरोना वैक्सीन के अंतिम पड़ाव पर आ चुके हैं। हैदराबाद की भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के बनाए वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ (Covaxin) को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल गयी है। इस वैक्सीन के पीछे महीनों से कई लोग टीम में काम कर रहें हैं। इस वैक्सीन के कोर टीम में 5 लोग शामिल हैं जिनमें एक महिला वैज्ञानिक, डॉ सुमति भी हैं। वे आर्गेनाइजेशन में रिसर्च और डेवलपमेंट विंग की हेड हैं।

डॉ सुमति पिछले कई महीनों से लगातार अपनी टीम के साथ कई घंटों तक लैब में काम कर रही हैं। भारत बायोटेक की टीम के प्रमुख डॉ कृष्णा एला इस उपलब्धि से बहुत खुश हैं और उन्होंने अपनी कंपनी के वैज्ञानिकों को सफलता पर खूब शाबाशी दी है। 

यह भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है क्योंकि कोवाक्सिन स्वदेशी है। डीसीजीआई ने कहा कि फेज 3 ट्रायल के डेटा में भारत बायोटेक के कोवाक्सिन को ‘सुरक्षित’ माना गया है। इसके साथ ही ये भी दावा किया जा रहा है कि कोवाक्सिन कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन पर भी प्रभावकारी सिद्ध होगी। 

भारत की वैक्सीन में डॉ सुमति का योगदान

दुनियाभर में वैक्सीन के लिए कई वैज्ञानिक काम कर रहे हैं और इनमें महिला वैज्ञानिकों ने प्रमुख भूमिका निभाई है। भारत में महिला वैज्ञानिक डॉ सुमति ने कोवाक्सिन को बनाने में योगदान दिया है। इससे पहले भी डॉ सुमति ने चिकनगुनिया और जीका वायरस के खिलाफ वैक्सीन बनाने में अपना योगदान दिया था। और इनके खिलाफ वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की पहली कंपनी भारत बायोटेक ही है। डॉ सुमति टीम में अनुभवी वैज्ञानिको में से एक हैं।  

डॉ सुमति ने दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से लाइफ साइंसेज़ में पीएचडी की है। जेएनयू के अलावा सुमति ने यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन व IISc बेंगलुरु में कॉमनवेल्थ फेलोशिप जीती थी। अभी वे भारत बायोटेक की रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम की हेड हैं। 

भारतीय मूल अमेरिकन वैज्ञानिक नीता पटेल

इनके अलावा भी भारत की महिलाऐं दुनियाभर में काम कर रही हैं। इन्हीं में से एक हैं बहुचर्चित वैज्ञानिक नीता पटेल। नीता पटेल भारतीय मूल अमेरिकन वैज्ञानिक हैं। बचपन में ही नीता ने पिता की बीमारी के बाद से मेडिकल के क्षेत्र में काम करने की ठान ली थी। और आज वे अमेरिका की कंपनी नोवावैक्स की टीम को लीड़ करती हैं। इनकी टीम में में सभी महिलाएं हैं।

पूरी दुनिया में कोरोना सम्बन्धी रिसर्च, डेवलपमेंट और ट्रायल्स में महिलाओं ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है। इनमें कैथरीन जेन्सेन, एलेना स्मोलयारचुक, लीज़ा जैक्सन, डॉ किज्मेकिया कॉर्बेट, ओजलेम ट्यूरिस्की, सारा गिल्बर्ट नाम प्रमुख है।   

वाकई, कोरोना से इस लड़ाई में शुरुवात से लेकर आज वैक्सीन के अंतिम पड़ाव तक महिलाओं ने अपनी ज़िम्मेदारी निभाई है और हम सभी को मुश्किल घड़ी से बचा रही हैं। साथ इससे ये भी समझ आ रहा है कि अब मेडिकल के फील्ड में, जहां पुरुषों का वर्चस्व माना जाता रहा है, वहां महिलाओं को भी अब बराबरी का मौका मिल रहा है।   

मूल चित्र : Bharat Biotech

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