कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

डिअर ज़िन्दगी…

Posted: दिसम्बर 2, 2020

टुकड़े टुकड़े में ही सही, सब कुछ तुम्हारे लिए ही व्यवस्थित किया है। वैसे तो थोड़ा कम है, लेकिन सब कुछ तेरे लिए सजा के रखा है।

डिअर ज़िन्दगी,
अधिक विस्तार नहीं चाहिए मुझे,
अधिक प्यार नहीं चाहिए मुझे,
संग चलूँ और चलती चलूँ, रुकना कहीं नहीं है अब मुझे,
ना तेज़ चल पाऊंगी, ना ही मैं तेरे संग दौड़ पाऊंगी,
ना रुक के कभी मैं तुमको शर्मिंदा कर पाऊंगी,
इन बहते हुए जलतरंग को देखो ,
मुझे ऐसे ही बहते रहना है
ये ज़मीं से उड़ती हवा को महसूस करो,
मुझे ऐसे ही चलते रहना है
ये आस पास के वातावरण को देखो,
इनकी तरह सब कुछ होके भी मुझे निराधार सा रहना है।

क्या ये सब घटना ऐसे ही हो पाई है,
कुछ तो प्रयोजन होगा ना इनका
महसूस करो खुद की सांसों को,
ये इन हवाओं जैसी मालूम होती है
एहसास करो अपनी नब्ज़ को,
ये जीवन सारी ब्रह्मांड की प्रक्रिया सी मालूम होती है। 

जो कभी अकेले हो, तो खुद को ही अब महसूस करो,
क्या तुमको नहीं लगता तुम एक ऐसे जीव हो जिसे,
सृष्टि कर्ता ने एक शानदार प्रयोजन के लिए बनाया है?
कुछ है जो हम सबको किसी से जोड़े है और क्यों?
क्या नारी का स्वरूप बस ऐसे ही था या है?
ईश्वर की चाहत नारी को लेकर अतिविष्ट थी क्या?
सब सहज, संतुलित, सौम्य, सामान्य, और शानदार रखना
किसी और जीव के बस की बात है क्या?
कि वो खुद को परेशान करके सब कुछ सामान्य या शानदार कर सके?
नहीं ना?

नारी की चाहत क्या है?
बस इतनी सी ही ना सब उसके लिए ना होके सबके लिए हो, गलत क्या है इसमें?
जोड़ क्यों लगाया है नारी पुरुष का, की सब मिल के सृष्टि को उत्कृष्ट बना सके,
बाहरी कड़ियां, या खुद की वो बनाई दुनिया से
जहां हम सहज होते है, सिर्फ अपने लिए या
कभी इनके लिए ,कभी उनके लिए
सिर्फ तेरे संग जीने के लिए जाने कितने खुद से सवाल बुनते हैं। 

डिअर जिंदगी कभी तो संग बैठ के मेरे हाथो को पकड़ के ये बोल
ये जो है जहां में सब तुम्हारे लिए है,
सब आंख बंद करो और सब कुछ महसूस करों,
सब कुछ तुम्हारे लिए ही जोड़ा है
टुकड़े टुकड़े में ही सही,
सब कुछ तुम्हारे लिए ही व्यवस्थित किया है
वैसे तो थोड़ा कम है लेकिन सब कुछ तेरे लिए सजा के रखा है।

मूल चित्र: Church of the King via Unsplash

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

Occupation -Lawyer , Blogger, Author, Social activities, " If my view at any one person to intratect

और जाने

घर के बाहर काम करने से क्या मैं बुरी माँ बन जाऊँगी?

टिप्पणी

Women In Corporate Allies 2020

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

Women In Corporate Allies 2020