कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

एक बच्चे के लिए मैं शादी क्यों करूँ…

अगर तुम बिन ब्याही मां बनोगी तो लोग अनेक सवाल करेंगे। तुम मां बन भी जाओगी फिर उस बच्चे के पिता को कहां से लाओगी?

अगर तुम बिन ब्याही मां बनोगी तो लोग अनेक सवाल करेंगे। तुम मां बन भी जाओगी फिर उस बच्चे के पिता को कहां से लाओगी?

“मैं मां बनना चाहती हूं। यह मेरी इच्छा है कि मैं भी बच्चे के द्वारा मां कहकर पुकारी जाऊं। उसे प्यार करूं।”

“पर तुम मां कैसे बन सकती हो? अभी तो तुम्हारी शादी भी नहीं हुई है”, रागिनी के मां बनने की लगातार ज़िद पर मां ने उसे समझाया।

“मां, मां बनने के लिए मैं तैयार हूं और बच्चे की ज़िम्मेदारी मैं स्वयं उठा सकती हूं। अब मेरी शादी नहीं हो पा रही है, इसमें मेरी क्या गलती है? सच कहूं तो अब मन भी नहीं करता कि शादी के बंधन में बंध सकूं।”

“मगर बेटी”, मां ने बीच में टोकने की कोशिश की मगर रागिनी ने आगे कहना शुरू कर दिया। शायद आज रागिनी के जज्बातों को पुलिंदे की जरूरत थी। उसने आगे कहना शुरू किया, “मां, जीवन के एक पड़ाव पर कई महिअलों को मां बनने की कामना होती है। मातृत्व को महसूस करने की इच्छा होती है। अब अगर मैं मां बनकर उसे महसूस करना चाहती हूं, इसमें क्यों परेशानी हो रही है?”

“बेटी, लड़की के लिए शादी एक मापदंड माना जाता है कि उसके बाद वह मां बन सकती है क्योंकि फिर लोग सवाल नहीं करते। अगर तुम बिन ब्याही मां बनोगी तो लोग अनेक सवाल करेंगे। तुम मां बन भी जाओगी फिर उस बच्चे के पिता को कहां से लाओगी? वह बच्चा पापा किसको कहेगा?” मां ने रागिनी के सामने सवालों की लड़ी लगा दिया।

“मां, मुझे सब पता है। अब अगर मैं सिंगल मदर बनूंगी तो मैं ही उसके लिए मां-पापा सब हूं। मुझे बच्चे को जन्म देने के लिए पुरुष के साथ की नहीं बल्कि मेडिकल ट्रीटमेंट की ज़रूरत है ताकि मैं मां बन सकूं। आईवीएफ द्वारा मां बनाना संभव है, जिसमें स्पर्म द्वारा मां बनने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है, और ऐसे भी आपने भी तो मुझे अकेले ही बड़ा किया है। बचपन से लेकर अब तक आप ही मेरे पापा और मां हो।”

रागिनी के ज़िद के आगे मां के तर्कों ने हार स्वीकार लिया। ऐसे भी मां बननाअगर किसी लड़की की चाहत है और उसे उससे कोई नहीं छीन सकता। दुनिया के इस सुख से उसे क्यों वंक्षित रखा जाए? वह भी तब जब शादी को बेकार का मापदंड बनाया जाए, सिर्फ एक बच्चे के लिए।

Never miss real stories from India's women.

Register Now

रागिनी के चेहरे पर मातृत्व खुशी पाने की चमक साफ झलक रही थी। इसमें उसकी मां भी उसके साथ थी क्योंकि अब उन्हें भी नानी बनना था।

मूल चित्र : graytown from Getty Images, via CanvaPro 

टिप्पणी

About the Author

62 Posts | 228,277 Views
All Categories