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80 और 90 के दशक के 11 हिंदी सीरियल और उनके ये महिला किरदार अपने समय से आगे थे!

यहां देखिये 80 और 90 के दशक के कुछ प्रसिद्ध हिंदी सीरियल जिन्होंने दर्शकों का दिल तो जीता ही, साथ ही औरतों के मुद्दों को भी खुल के रखा!

यहां देखिये 80 और 90 के दशक के कुछ प्रसिद्ध हिंदी सीरियल जिन्होंने दर्शकों का दिल तो जीता ही, साथ ही औरतों के मुद्दों को भी खुल के रखा!

आम भारतीय घरों में मनोरंजन का सबसे बड़ा माध्यम टीवी ही रहा है और टीवी पे आने वाले महिला प्रधान हिंदी सीरियल ही अधिकतर घरो में देखे जाते हैं। महिला प्रधान सीरियल 80 और 90 के दशक में भी खुब बने। ये वो दौर था जब समाज के आधी आबादी को उनके कई हक़ से वंचित रखा गया था।

महिलाओं से जुड़े कई मुद्दे जैसे लिंग भेद, अल्प आयु में शादी, लड़कियों की पढ़ाई, उनकी उच्च शिक्षा के साथ साथ ऐसे और भी कई ज्वलंत मुद्दे उस वक़्त समाज में बहुत आम थे। उस दौर में बने इन महिला प्रधान सीरियल ने इन ज्वलंत मुद्दों को ना ही सिर्फ अपने सीरियल के माध्यम से उठाया बल्कि लोगों का महिला सबंधित मुद्दों के प्रति ध्यान भी आकर्षित किया।

सीरियल जैसे कि शांति, सांस, स्वाभिमान, उड़ान मेरे कुछ बहुत ही पसंदीदा सीरियल रहे हैं। तो आईये मेरे साथ इस सुनहरे सीरियल के सफर पर और जाने 80 और 90 के दशक के कौन-कौन से वो महिला प्रधान सीरियल रहें, जिन्होंने दर्शकों का दिल तो जीते ही, साथ ही समाज में औरतों से सम्बंधित मुद्दों को भी खुल के रखा और औरतों के सशक्त पक्ष को भी दिखाया है।

80 और 90 के दशक के कुछ प्रसिद्ध महिला प्रधान सीरियल जिन्होंने समाज में एक क्रांति ला दी थी और उनके मुख्य कलाकार 

1. बुनियाद (1986)

मुख्य कलाकार : अलोक नाथ, सोनी राजदान
एपिसोड : 104
चैनल : डीडी नेशनल
डायरेक्टर : रमेश सिप्पी, ज्योति स्वरुप

सीरियल का विवरण :

बुनियाद, टीवी के शुरुआती समय का एक बेहद प्रसिद्ध हिंदी सीरियल था। बुनियाद सीरियल की बुनियाद ही महिलायें हैं चाहे वो मंगला हो या लोचन या फिर लाजो। औरते ही परिवार की संबल होती हैं और ये इस सीरियल की महिलाओं ने साबित भी किया और अन्य महिलाओं की प्रेरणा स्रोत भी बनी। हिंदी सीरियल बुनियाद का पहला एपिसोड नीचे दिये लिंक पर आप देख सकते हैं:

2. उड़ान (1989)

मुख्य कलाकार : कविता चौधरी, शेखर कपूर
एपिसोड : 30
चैनल : डीडी नेशनल
डायरेक्टर : कविता चौधरी

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सीरियल का विवरण :

आज भी ये सीरियल कविता चौधरी द्वारा निभाये गए किरदार में ज़िंदा है। कविता द्वारा एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया गया जो साधारण परिवार से हो कर भी समाज के उन संक्रिण मानसिकता के खिलाफ जाती है कि लड़कियों की जगह पुलिस सेवा में नहीं। ये सीरियल मुझे भी बेहद पसंद है। उड़ान का पहला एपिसोड नीचे दिये लिंक पे आप देख सकते हैं :

3. स्वाभिमान (1994)

मुख्य कलाकार : किट्टू गिडवानी, कुनिका
एपिसोड : 800
चैनल : डीडी नेशनल
डायरेक्टर : महेश भट्ट

सीरियल विवरण :

दूरदर्शन का बेहद पॉपुलर सीरियल स्वाभिमान और उसमें किट्टू गिडवानी का निभाया किरदार स्वेतलाना महिलाओं के बीच बेहद प्रसिद्ध था। स्वेतलाना के किरदार ने महिलाओं के उस पक्ष को सामने रखा कि महिला अपने शर्तो पे भी अपनी जिंदगी जी सकती है। 

4. शांति (1994)

मुख्य कलाकार : मंदिरा बेदी
एपिसोड : 780
चैनल : डी डी नेशनल
डायरेक्टर : आदि पोचा

सीरियल विवरण :

टीवी पे जब भी सशक्त महिला किरदारों की बात होगी शांति नाम जरूर सबके ज़हन में आयेगा। मुझे शांति सीरियल बेहद पसंद है और जैसे मंदिरा बेदी ने शांति बन कर अपनी माँ को न्याय दिलाने में साहस दिखाया ये आम महिला के लिये बहुत अच्छा उदाहरण है कि गलत के लिये लड़ना ही चाहिये। 

5. रजनी (1985)

मुख्य कलाकार : प्रिया तेंदुलकर, करण राजदान
एपिसोड : 13
चैनल : दूरदर्शन
डायरेक्टर : बासु चटर्जी

सीरियल विवरण :

कॉटन की साड़ी और बड़ी सी बिंदी लगाए 80 के दशक की भारतीय महिला की छवि दिखाता एक ऐसा चरित्र टीवी पे गढ़ा गया, जिसमें प्रिया तेंदुलकर ने जान डाल दी और वो चरित्र था रजनी का। ऐसे सशक्त महिला का किरदार 80 के दशक में टीवी पे आना ये साबित करता है कि पुरुष प्रधान समाज में उस दौर में भी महिलायें अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही थी। रजनी का एक एपिसोड नीचे दिये लिंक पे आप देख सकते हैं।

6. सांस (1998)

मुख्य कलाकार : नीना गुप्ता, कँवलजीत
एपिसोड : 179
चैनल : स्टार प्लस
डायरेक्टर : नीना गुप्ता

सीरियल विवरण :

इस हिंदी सीरियल में नीना ने ना सिर्फ एक्टिंग की बल्कि इस सीरियल को डायरेक्टर और कहानी भी लिखी। उस दौर में एक महिला का डायरेक्ट करना ही बहुत बड़ी बात थी और एक महिला इसमें सफल भी हो सकती है ये नीना ने साबित कर दिया। सांस का एक एपिसोड नीचे दिये लिंक पे आप देख सकते है।

7. अल्पविराम (1998)

मुख्य कलाकार : पल्लवी जोशी
एपिसोड : 85
चैनल : सोनी
डायरेक्टर : विपुल शाह

सीरियल विवरण :

रेप जैसे गंभीर मुद्दे पे बने इस हिंदी सीरियल और पल्लवी जोशी के जानदार अभिनय को मेरा सलाम है। औरतों के रेप जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दे को बेहद सुन्दर से प्रस्तुत किया गया। अल्पविराम का पहला एपिसोड नीचे दिये लिंक पे आप देख सकते हैं।

8. हिना (1998)

मुख्य कलाकार : सिमोन सिंह
एपिसोड : 265
चैनल : सोनी
डायरेक्टर : तलत जानी

सीरियल विवरण :

हिना सीरियल हर स्त्री के संघर्ष की कहानी है। ये सीरियल एक बेहद भावनात्मक कहानी और औरत किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होती बताता है। हिना के रोल में सिमोन सिंह ने शानदार अभिनय किया और दर्शकों के दिल को जीत लिया। 

9. तारा (1993)

मुख्य कलाकार : नवनीत निशान, अलोक नाथ
चैनल : ज़ी टीवी
डायरेक्टर : रमेश कुमार

सीरियल विवरण :

तारा हिंदी सीरियल पांच साल टीवी पे टेलीकास्ट हुआ और इससे ही पता चलता है कि इस सीरियल ने दर्शकों का कितना प्यार पाया। ये 90 के दशक की शहरी लड़की के सपनों और संघर्षों की कहानी है। नवनीत के मॉर्डन लुक को इस सीरियल में बेहद पसंद किया गया। तारा का एक एपिसोड नीचे दिये लिंक पे आप देख सकते हैं।

10. कोरा कागज (1998)

मुख्य कलाकार : रेणुका शहाणे, सलिल अंकोला, अमित बहल
एपिसोड : 169
चैनल : स्टार प्लस
डायरेक्टर : आशा पारेख

सीरियल विवरण :

हर औरत का जीवन वो कोरा कागज ही तो है जिस पे उसके परिवार और पति अपने फैसले लिखते हैं।  कुछ ऐसी ही कहानी है कोरा कागज की। इस हिंदी सीरियल की बेहद सुन्दर पठकथा है जिसने शादी में धोखा खाई कई लड़कियों को प्रेरणा दी कि अपने जीवन के खाली पन्नों पे खुद रंग कैसे भरे। 

11. आरोहण (1996)

मुख्य कलाकार : पल्लवी जोशी, शेफाली शाह
एपिसोड : 13
चैनल : डीडी नेशनल
डायरेक्टर : नंदू घेणेकर

सीरियल विवरण :

भारतीय टीवी पे ये पहला ऐसा शो था जिसमें महिलाओं को भारतीय नेवी में दिखाया गया। रोचक बात ये है की उस दौर में महिलाओं को नेवी में भर्ती नहीं होती थीं। पल्लवी जोशी द्वारा लिखा और अभिनीत ये सीरियल इस दूरदर्शी सोच को दिखा रहा था कि औरतें हर फील्ड में अपनी काबिलियत दिखा सकती है और नेवी भी इससे अछूती नहीं। इस शो के बाद भारतीय नेवी में भी महिलाओं की भर्ती शुरु हुई जिसका कुछ क्रेडिट मैं इस सीरियल के बुलंद सोच को भी दूंगी। आरोहण का एक एपिसोड यहां आप देख सकते है।

क्या आज टीवी पर हिंदी सीरियल में औरतें सिर्फ शो-पीस  ही दिखती हैं?

मुझे लगता है आज जो सीरियल बनते है उनमें मनोरंजन तो होता है लेकिन महिलाओं की समस्याओं पे ज्यादा बल नहीं दिया जाता। मेरे विचार से आज के समय में ऐसे सशक्त महिला प्रधान सीरियल बनने चाहिये जिनसे महिला और लड़कियाँ प्रेरणा पा सके ना कि सिर्फ औरतों को सुन्दर दिखा के और आपस में लड़वा के एक शो पीस के रूप में दिखाया जाना चाहिये। टीवी पे आने वाले आज के हिंदी सीरियलो के माध्यम से भी एक ऐसी सकारात्मक पहल जरूर होनी चाहिये जिससे समाज में महिला मुद्दों के प्रति जागरूकता फैले और लोगो की सोच में सकारात्मक परिवर्तन आये।

मूल चित्र : Screenshot from YouTube

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