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बीबीसी 100 वीमेन 2020 की सूची में इन 4 भारतीय महिलाओं ने जगह बनाई!

Posted: नवम्बर 25, 2020

बीबीसी 100 वीमेन 2020 सूची में चर्चित नामों से लेकर बिना चर्चा में आये काम करने वाली प्रेरणादायक महिलाओं को शामिल किया गया है।

दुनिया की 100 प्रभावशाली और प्रेरणादायक महिलाओं की बीबीसी की सूची बीबीसी 100 वीमेन 2020 सूची जारी करी गयी जिनमें 4 भारतीय महिलाओं ने स्थान प्राप्त किया। हर साल इस सूची में पूरे विश्व से विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेल, राजनीति, अभिनय, पर्यावरण आदि में सक्रिय महिलाओं को शामिल किया जाता है। ये वे महिलाऐं होती हैं जो अपनी कोशिश से बदलाव लेकर आती हैं। 

इस वर्ष भी बीबीसी 100 वीमेन 2020 सूची में चर्चित नामों से लेकर बिना चर्चा में आये काम करने वाली प्रेरणादायक और प्रभावशाली महिलाओं को भी शामिल किया गया है। बीबीसी द्वारा जारी बयान के अनुसार, “इस वर्ष 100 महिलाएं उन लोगों को हाईलाइट कर रही हैं जो इन अशांत समय के दौरान बदलाव का नेतृत्व कर बदलाव ला रहे हैं। इस सूची में सना मारिन शामिल जो फिनलैंड की सर्व-महिला गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही हैं, मिशेल योह – न्यू अवतार और मार्वल फिल्मों की स्टार, सारा गिल्बर्ट, जो एक कोरोनोवायरस वैक्सीन में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोध प्रमुख हैं, साथ ही जेन फोंडा जो एक जलवायु कार्यकर्ता और अभिनेत्री हैं, शामिल हैं।

और इस असाधारण वर्ष में – जब दुनिया भर में अनगिनत महिलाओं ने दूसरों की मदद करने के लिए बलिदान किया है – 100 महिलाओं की सूची में पहला नाम एक श्रद्धांजलि के रूप में उन सभी के लिए खाली छोड़ दिया गया है।”

बीबीसी 100 वीमेन 2020 की सूची में शामिल भारतीय महिलाएं

भारत से पैरा-एथलीट और वर्तमान पैरा-बैडमिंटन विश्व चैंपियन मानसी जोशी, जलवायु कार्यकर्ता रिधिमा पांडे, नए नागरिकता कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाली बिलकिस बानो, और गायन में पुरूष वर्चस्व को तोड़ने के लिए तमिलनाडु की इसाइवानी को सूची में शामिल किया गया है। इनके बारे जानने के लिए आगे पढ़ें।

मानसी जोशी, पैरा-बैडमिंटन विश्व चैंपियन

मानसी, एक भारतीय पैरा-एथलीट, वर्तमान पैरा-बैडमिंटन विश्व चैंपियन है। जून 2020 में, बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने इन्हें SL3 एकल में विश्व में दूसरा स्थान दिया। मानसी एक इंजीनियर और एक चेंज मेकर भी है। वे भारत में विकलांगता और पैरा-स्पोर्ट्स की धारणा को लेकर बदलाव लाना चाहती हैं। इन्हें हाल ही में टाइम मैगज़ीन द्वारा “नेक्स्ट जनरेशन लीडर” के रूप में भी शामिल किया गया था। इसके अलावा, मानसी जोशी पहली और एकमात्र भारतीय पैरा-एथलीट बन गईं, जिन्होंने बार्बी शेरोज़ सीरीज की बार्बी डॉल प्राप्त की। महिलाओं के लिए यह साल कितना कठिन रहा है, इस बारे में बात करते हुए वे कहती हैं, “यह साल महिलाओं के लिए कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रहा है। कठिन समय को अपने से बेहतर न होने दें: हर संभावना को तलाशते रहें। हर दिन खुद को थोड़ा समय दें।”

रिधिमा पांडे, जलवायु कार्यकर्ता 

रिधिमा पांडे एक जलवायु कार्यकर्ता हैं जिन्होंने नौ साल की उम्र में जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए भारत सरकार के खिलाफ याचिका दायर की थी। 2019 में, 15 अन्य बाल याचिकाकर्ताओं के साथ, रिधिमा ने संयुक्त राष्ट्र में पांच देशों के खिलाफ मुकदमा दायर किया। रिधिमा वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग ले रही हैं और अन्य छात्रों को सशक्त बनाने में मदद कर रही हैं। रिधिमा अपने भविष्य और आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए काम कर रही है। वे कहती हैं, “अब हमारे लिए मजबूत और एकजुट होने का समय है, और यह साबित करने के लिए कि मुश्किल समय में हम कितने सक्षम हो सकते हैं। यदि एक महिला कुछ हासिल करने के लिए दृढ़ है, तो कोई भी उसे रोक नहीं सकता है।

बिलकिस बानो, शाहीन बाग की दादी

82 वर्षीय, बिलकिस बानो, उन महिलाओं के समूह का हिस्सा थी, जिन्होंने विवादास्पद नागरिकता कानून के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध किया। वे राजधानी के शाहीन बाग, मुस्लिम इलाके में लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन का चेहरा बन गई और वहीं से ‘शाहीन बाग की दादी’ के रूप में प्रसिद्ध हुईं। वे हमेशा कहतीं कि हम यहां अपने लिए नहीं बल्कि अपने बच्चों के भविष्य के लिए आये हैं। इसके अलावा बिलकिस बानो टाइम मैगज़ीन के 2020 के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल होने वाली सूचि में 5 भारतीयों में अकेली महिला हैं। बिलकिस का कहना हैं, “महिलाओं को अपने घरों से बाहर निकलने और अपनी आवाज उठाने में सशक्त महसूस करना चाहिए, खासकर अन्याय के खिलाफ। यदि वे अपने घरों को नहीं छोड़ती हैं, तो वे अपनी ताकत कैसे दिखाएंगी?” 

इसाइवानी, कॉलीवुड गायिका

इसाइवानी गाना म्यूजिक ( Ganna music ) और द कास्टलेस कलेक्टिव तमिल म्यूजिक बैंड्स ( The Casteless collective Tamil music bands ) में एकमात्र महिला कॉलीवुड गायिका हैं। इसाइवानी ने इस पुरुष-प्रधान क्षेत्र में गायन और प्रदर्शन में वर्षों बिताए हैं। वाकई अन्य लोकप्रिय पुरुष गायकों के रूप में एक ही मंच पर प्रदर्शन करना ही अपने आप में एक उपलब्धि मानी जा सकती है। इन्होंने एक सदियों पुरानी परंपरा को सफलतापूर्वक तोड़ दिया है, जिसके कारण अन्य युवा महिला गायक गायक आगे आकर खुद को अभिव्यक्त करने लगी हैं। आज महिलाओं के सशक्तिकरण के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा, “2020 में दुनिया बहुत बदल गई है, लेकिन महिलाओं के लिए, दुनिया हर दिन बदल रही है। महिलाओं ने चुनौती भरे स्थानों को बदल दिया है। यह प्रक्रिया आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थिर रहेगी।”

मूल चित्र : bbc.com

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