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स्तन कैंसर का एक बड़ा कारण है जागरूकता की कमी

भारत में महिलाओं के बढ़ते स्तन कैंसर का बहुत बड़ा कारण जागरूकता की कमी है। तो इस स्तन कैंसर जागरूकता माह में जाने इससे जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।

भारत में महिलाओं के बढ़ते स्तन कैंसर का बहुत बड़ा कारण जागरूकता की कमी है। तो इस स्तन कैंसर जागरूकता माह में जाने इससे जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।

डिस्क्लेमर : इस लेख में सामान्य जानकारी है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श ज़रूर करें।

महिलाओं में होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर स्तन यानि ब्रेस्ट कैंसर ही है। भारतीय महिलाओ में होने वाले कैंसर में से 14% स्तन कैंसर ही पाया जाता है। 2018 की रिपोर्ट में स्तन कैंसर के 1,62,468 नए पंजीकृत मामले और 87,090 मौतें दर्ज की गईं थी। वही 2019 में WHO की रिपोर्ट के मुताबिक पूरे विश्व में 20 लाख से अधिक ब्रेस्ट कैंसर के मामले सामने आये थे और 6 लाख से अधिक मौतें दर्ज की गईं थी। और यह हर साल बढ़ रहा है। 2020 के रिपोर्ट के मुताबिक हर 22 में से एक अर्बन महिला में स्तन कैंसर पाया जाता है।  

लेकिन इसके बारे में बहुत कम ही महिलाओं को जानकारी रहती है। पिछले कुछ दशकों से तेजी से बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष अक्टूबर को स्तन कैंसर जागरूकता माह (ब्रैस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ) के रूप में मनाया जाता है। इस पूरे महीने में अलग अलग संस्थान, सरकार द्वारा स्तन कैंसर के प्रति कई तरह के अभियान भी चलाए जाते हैं। इसका अभियान का हाल ही का उदाहरण है आईपीएल। आईपीएल में हाल ही में एक मैच के दौरान महेंद्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स ने पिंक गल्वज़ पहने थे। इन पिंक गल्वज़ से वे ब्रैस्ट कैंसर के प्रति जागरूक कर रहे थे क्योंकि गुलाबी रंग को ही ब्रैस्ट कैंसर का प्रतीक माना जाता है।  

स्तन कैंसर जागरूकता माह

हर वर्ष इसकी महीने की अलग अलग थीम होती है। इस वर्ष इसकी थीम है – ‘आशा दें, जीवन बचाएं’ (‘Give hopes, Save lives’) तो आइये हम भी इसमें अपना योगदान दें।

जानिए कुछ पहलुओं को कि क्या वजह है ब्रेस्ट कैंसर की और उसकी रोकथाम कैसे की जा सकती है

स्तन कैंसर के कारण 

ब्रेस्ट कैंसर मुख्य रूप से कोशिकाओं में अनियमित वृद्धि के कारण ब्रेस्ट के भीतर गांठ बनने से होता है। अगर समय रहते इसे पहचाना नहीं गया तो वो ये कई मामलों में जानलेवा भी बन जाता है। इसका खतरा अत्यधिक वजन और उम्र के साथ बढ़ता जाता है। इसके अलावा यह जेनेटिकली भी होता है। अगर आपके परिवार में किसी को पहले स्तन कैंसर रहा है तो इसकी अधिक संभावना है। धूम्रपान, शराब का सेवन, ड्रग्स, अन्हेल्थी लाइफस्टाइल भी इसका कारण है। जिन महिलाओं की कम उम्र में पीरियड साइकिल शुरू हुई हो तथा मेनोपोज़ देर से हुआ है, उनमे भी ब्रैस्ट कैंसर होने का खतरा बना रहता है। और अगर ब्रैस्ट में किसी प्रकार की गांठ रही हो या किसी रेडिएशन जैसे बार बार  X-Rays या CT scans करवाया हुआ है तो भी महिला में ब्रैस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। 

स्तन कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

स्तन के आकार में बदलाव महसूस होना, स्तन को दबाने पर दर्द होना या गांठ का महसूस होना, सूजन आ जाना ब्रैस्ट कैंसर के प्रमुख लक्षण हैं। निप्पल को दबाने पर कोई तरल या चिपचिपा पदार्थ का रिसाव होना, निप्पल में खिंचाव होना, लाल  रंग होना आदि भी इसके लक्षणों में से हैं। तो अगर आपको इनमें से कुछ भी महसूस हो तो सतर्क हो जाये और जल्द जल्द से डॉक्टर से सम्पर्क करें।  

स्तन कैंसर से बचाव के तरीके

  • महिलाएं अपनी स्थिति का स्व-निदान कर सकती हैं। महिलाओं को पता होना चाहिए कि सामान्यता उनके ब्रेस्ट कैसे दिखते हैं और किस तरह महसूस होते हैं। और फिर अगर आपको किसी तरह का बदलाव नज़र आए, तो डॉक्टर से परामर्श करें।
  • ये हम सभी जानते हैं कि हेल्थी लाइफस्टाइल हमें हर तरह की बिमारियों से बचाते हैं। ठीक वैसे ही धूम्रपान, शराब, ड्रग्स आदि का सेवन न करें। हरी सब्जियां और फल ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करें। शरीर के वजन को भी संतुलन में रखें।
  • स्तन कैंसर से बचने के लिए अपने बच्चे को कम से कम एक साल तक ब्रैस्टफीड कराने की भी सलाह दी जाती है।
  • 20 साल की उम्र के बाद महिलाओं को कम से कम साल में एक बार ब्रैस्ट की स्क्रीनिंग अवश्य करवानी चाहिए।
  • ब्रेस्ट कैंसर का परीक्षण के लिए ब्रेस्ट्स की मैमोग्राफी करानी चाहिए ताकि इस मैमोग्राफी के जरिए ब्रेस्ट के टिश्यूस में होने वाली अनियमिताओं का पता लगा सके।

भारत में महिलाओं के बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर और उससे होने वाली मृत्यु का बहुत बड़ा कारण जागरूकता की कमी और पहली स्टेज पर पता नहीं चलना ही है। इसीलिए हर महिला को 20 साल की उम्र से ही रेगुलर स्क्रीनिंग करवानी चाहिए ताकि इसका पता लगने पर जल्द से जल्द इलाज़ शुरू हो सके। इसीलिए हम साल की हर महीने को किसी न किसी विषय पर जागरूक करने के लिए मनाते हैं और उन्हीं में से एक है स्तन कैंसर जागरूकता माह। आख़िरकार इलाज से बेहतर रोकथाम है।

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मूल चित्र : Angiola Harry via Unsplash

 

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About the Author

Shagun Mangal

A strong feminist who believes in the art of weaving words. When she finds the time, she argues with patriarchal people. Her day completes with her me-time journaling and is incomplete without writing 1000 read more...

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