कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

नहीं मिलता जब तक इंसाफ, कोई चूल्हा नहीं जलेगा…

Posted: अक्टूबर 3, 2020

वहशी खुले घूम रहे, जब यूं गली गली, हमारे सम्मान की चिता, यहां हर रोज़ जली। कह दो जब तक, नहीं मिलता इंसाफ, कोई चूल्हा नहीं जलेगा।

हमारा कोइ गुट नहीं है,
क्यों,  हम एकजुट नहीं हैं।
धर्म, जाति, मजदूर, आदमी
सबके ठेकेदार हैं।

बस एक औरत की आबरू,
दुनिया में ज़ार ज़ार है।

वहशी खुले घूम रहे,
जब यूं गली गली,
हमारे सम्मान की चिता,
यहां हर रोज़ जली।

इन झूठों वादों-इरादों में,
अब कोई पुट नहीं है,
क्यों हम एकजुट नहीं है।

कुछ दिन राजनीति की,
यह बिसात बिछाई जाएगी ।
फिर किसी निर्भया की तरह,
यह भी भुला दी जाएगी।

कोर्ट-कचहरी के अहाते में,
माँ बाबा की उम्र बीत जाएगी।
किस पर यहां यकीन करें,
कौन गिरगिट नहीं है।
क्यों हम एकजुट नहीं हैं।

तुम भी अब हड़ताल करो,
ये ज़ुल्म कब तक चलेगा।
स्त्री गर थम जाएगी,
सृष्टि का पहिया कैसे बढ़ेगा।

ठान लो इस आँचल तले,
कोई दरिंदा नहीं पलेगा।
कह दो जब तक,
नहीं मिलता इंसाफ,
कोई चूल्हा नहीं जलेगा।
कोई चूल्हा नहीं जलेगा।

मूल चित्र : Bhupi from Getty Images Signature via Canva Pro

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

घर के बाहर काम करने से क्या मैं बुरी माँ बन जाऊँगी?

टिप्पणी

Women In Corporate Allies 2020

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

Women In Corporate Allies 2020