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प्यारे पापा, तेरे हर संघर्ष का शुक्रिया कुछ बनकर करना चाहती हूं…

Posted: सितम्बर 17, 2020

मेरे सपनो की उड़ान को पंख लगाकर, ज़िन्दगी का सही मतलब समझाया, तेरे हर संघर्ष का शुक्रिया कुछ बनकर करना चाहती हूं, तेरे हर बलिदान को गर्व महसूस करा ना चाहती हूं!

उंगली पकड़ के चलना सिखाया,
दुनिया से लड़ना सिखाया,
जब मेरी रूह मुझसे गुमशुदा हुई,
मुझे संभलना सिखाया,
दुनियादारी की धकिया नुसी बातों को पीछे छोड़कर,
एक कदम आगे बढ़ना सिखाया,
खुद की तकलीफों को पीछे रखकर,
मुझे हर कदम हसाया,
उलझनों से उभर कर, आज़ादी से उड़ना सिखाया,
मेरे सपनो की उड़ान को पंख लगाकर, ज़िन्दगी का सही मतलब समझाया,
अपने हर गम को अनदेखा कर के,
मेरे हर सहमी सिसकियों को पहचाना है तूने,
अपने हर दर्द को पीछे रख कर, मेरे ज़ख्मों पर मरहम लगाया है तूने,
तेरे हर संघर्ष का शुक्रिया कुछ बनकर करना चाहती हूं,
तेरे हर बलिदान को गर्व महसूस करा ना चाहती हूं!!

मूल चित्र : Pexels

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