कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

एनोला होम्स लायीं है एक और होम्स की रोमांचक दुनिया, एक नटखट अंदाज़ में…

एनोला होम्स, केवल एक होम्स नाम जुड़ने के कारण एक रोमांचक, जासूसी और क्राईम थ्रीलर बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि उससे अलग हटकर थोड़ा नटखटी सा है। 

एनोला होम्स, केवल एक होम्स नाम जुड़ने के कारण एक रोमांचक, जासूसी और क्राईम थ्रीलर बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि उससे अलग हटकर थोड़ा नटखटी सा है। 

एनोला होम्स, केवल एक होम्स नाम जुड़ने के कारण एक रोमांचक, जासूसी और क्राईम थ्रीलर बिल्कुल भी नहीं है, जिसमें शर्लक होम्स अपराधियों के अंगुलियों और जूतों के निशान और गंध को सूंघकर अपराधियों को पकड़ लेता है। यह उससे अलग हटकर है जो थोड़ा नटखटी और होम्स के फार्मूले से अलहदा है।

शर्लक होम्स(हेनरी कैविल) कमोबेश दो घंटे के कहानी में बस एक भूमिका में है जो हमेशा के तरह कम जज़्बाती, राजनीति के दूर रहने का दिखावा भर करते हैं और अपनी बहन एनोला (मिल्ली बॉबी ब्राउन) से स्नेह रखते हैं। वहीं उनके बड़े भाई माइक्रांट(सैम क्लैफ्लिन) सख्त ख्याल इंसान हैं और इन तीनों की मां यूदोरिया(हेलेना बोनहम कार्टर) बचपन से ही अपनी बेटी को जीवन के लड़ाई अपने दम पर सीखने की कोशिश करती है, जो आदर्शवादी होने के साथ-साथ उग्र भी है।

एनोला होम्स की कहानी

एनोला होम्स अपने सोलवें जन्मदिन पर अपनी मां यूदोरिया को घर से गायब पाती है और एलोना होम्स के लिए कुछ सूत्र छोड़ जाती है। मां के लापता होने की खबर सुनकर होम्स बंधु घर आते है और यह देखकर चकित हो जाता है कि उनकी मां ने एलोना होम्स की परविश आजाद ख्याली में की है, जो उस दौर के इंग्लैड के समाज को स्वीकार्य नहीं है। माइक्रांट एनोला को संस्कारी महिला के तरह बनाना चाहता है और शर्लक एलोना को अपने तरह से जीने देना चाहता है पर अपने जस्बात थोपना नहीं चाहता। एनोला अपनी मां के खोज में घर से भाग खड़ी होती है। यही एक और कहानी भी शामिल होती है टिवेस्कबरी (लुई पार्ट्रिज) जिसके पीछे है एक हत्यारा(बर्न गोर्मन), जिससे बचाने की कोशिश एनोला बार-बार करती है।

एनोला होम्स बेशक एक नारीवादी कहानी है, जो आगे कई कोणों से जुड़ती चली जाती है। इसमें है एक सुधार विधेयक, जिसमें यथास्थिति बनाए रखने की कोशिश करने वाले मध्यम आयु वर्ग के पुरुषों और महिलाएं भी। महिलाओं के मताधिकार के लिए उग्रवादी तरीकों  के प्रयोग की कोशिश, लड़कियों के लिए पितृसत्तात्मक शिक्षा देता स्कूल जिससे लड़कियां अपनी अदाओं और शोखी से लड़कों को रिझाकर अच्छी पत्नीयां बन सकें, और एनोला के समान अधिकार वाली चैंपियन मदरोरिया होम्स (हेलेना बोनहम कार्टर) भी शामिल हैं। कुल मिलाकर कहानी को इस अंदाज में प्रस्तुत किया गया है कि आप जज़्बातों में उलझते नहीं हैँ और कहानी अपने अंजाम तक भी पहुंच जाती है।

इंग्लैंड के बारे में कई बातों का बखान पेश किया जाता है, वह यह कि जीवन क्या है, और यह नहीं पूछना “क्या हो सकता है?” इस कहानी में एनोला का किरदार इस बात को नाक पकड़ कर पटक देता है और सबक देता है जो पूरी दुनिया के युवा लड़कियों के लिए है,  ‘भविष्य हमारे ऊपर है’, इंसान का जज़्बाती होना जरूरी है, वो इंसान को होना भी चाहिए, पर जज़्बात कई बार आपके  भविष्य की दिशा बदल देते हैं।

मूल चित्र : Netflix Screenshot 

Never miss real stories from India's women.

Register Now

टिप्पणी

About the Author

219 Posts | 569,531 Views
All Categories