कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

सच में मां बौरा सी जाती है…

छुट्टियों में बच्चों के आने की खबर पाकर मां बौरा सी जाती है, चटनी, पापड़, मर्तबान में सहेजती अक्सर, धूप-छांव के फेर में पड़कर, कुछ मुरझा सी जाती है...

छुट्टियों में बच्चों के आने की खबर पाकर मां बौरा सी जाती है, चटनी, पापड़, मर्तबान में सहेजती अक्सर, धूप-छांव के फेर में पड़कर, कुछ मुरझा सी जाती है…

छुट्टियों में बच्चों के
आने की खबर पाकर
मां बौरा सी जाती है!

साफ-सफाई की धुन में
फर्नीचर से टकरा
घायल हो जाती है!
सच में मां बौरा सी जाती है!

चादर, तकिए, रजाई, तौलिए
तहाकर रखने में मगन
भूखी-प्यासी, रहकर
पूरा घर सजाती है!
सच में मां बौरा सी जाती है!

अचार, मुरब्बे, चटनी, पापड़
मर्तबान में सहेजती अक्सर
धूप-छांव के फेर में पड़कर
कुछ मुरझा सी जाती है
सच में मां बौरा सी जाती है!

हर दिन नया पकवान बना
चखकर, मन ही मन
इठला सी जाती है!
सच में मां बौरा सी जाती है!

तय दिन की बाट जोहती
घड़ी की धीमी चाल देखकर
कुछ उकता सी जाती है
सच में मां बौरा सी जाती है!

Never miss real stories from India's women.

Register Now

मुहल्ले भर को बच्चों के आने की
खबर सुनाती ,चलता-फिरता
एक अखबार बन जाती है!
सच में मां बौरा सी जाती है!

बाद जाने के फिर, सूने पड़े कमरों में
बच्चों की गूंजती हंसी और किस्से
मन ही मन दोहराती जाती है,
सच में मां बौरा सी जाती है!

मूल चित्र  : Canva

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

टिप्पणी

About the Author

98 Posts | 278,447 Views
All Categories