कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

क्या आपकी बहु भी आपकी मर्ज़ी के बिना कुछ नहीं कर सकती?

Posted: May 26, 2020

हमसे से कितनी ही महिलाओं की ज़िंदगी शादी के बाद बदल जाती है, हमारा उठना, बैठना, बोलना, चलना, खाना, पीना सब बदल जाता है, यहां तक कि हमारी हंसी भी बदल जाती है।

“रिया तुम्हारी फ़ोटो तो बहुत सुंदर आयी है, तुम्हारा फेस तो फोटोजनिक है, तुम तो हर फ़ोटो में कमाल का कहर बरसा रही हो, तुम्हे देख कर कोई नहीं कह सकता कि तुम्हारे दो बच्चे है… एक 15 और दूसरा 12 साल का। तुम तो बिल्कुल नई दुल्हन की तरह सज संवर कर रहती हो!”

“कैसे कर लेती हो सब?”

“अरे पिया तुम भी न, कितनी तारीफ़ करोगी मेरी? तुम्हारी बातें सुनकर मैं कहीं फूल न जाऊं। कभी घर आओ तब बैठ कर तुम्हें अपनी औऱ भी पुरानी पिक्चर्स दिखाऊँगी।”

अगले ही दिन पिया रिया से मिलने आ गयी। घर आते ही सबसे पहले रिया की सास मुँह बनाकर बोली, “आ गयीं तुम? आज बहुत दिनों के बाद आई हो?”

“तुम बैठो, मैं रिया को भेजती हूं और क्या लोगी चाय या कॉफी?” सास अंदर चली जाती है और रिया से कहती है, “बाहर तुम्हारी सहेली आई है।

“अब उसके साथ घंटो बैठ कर समय बर्बाद मत करना। बहुत काम पढ़ा है, जल्दी से विदा कर देना उसे, मैं खाना नहीं बनाऊँगी। तुमने ही बनाना है, सोच लेना”, इतना बोलकर सास चली गयी।

रिया पिया से मिली और दोनों ने खूब सारी बातें की। बातों के बीच मे रिया ने दाल भी बनने रख दी, चाय बना लायी। पिया बोली, “रिया तुम्हारी फोटोज़ तो दिखा दो….”

लेकिन पिया ने गौर किया रिया का सारा ध्यान रसोई की तरफ ही था, वो बार बार उठ उठ कर जा रही थी।

रिया ने भी अपना पिटारा खोल दिया। सब फोटोज़ को देखने के बाद पिया बोली, “एक बात कहूं? बुरा तो नहीं  मानोगी? पहले वाली फोटोज़ में जो रिया है…अब वो रिया इन फोटोज़ में नहीं है। क्या हो गया है तुम्हें अब?”

“पहले की फोटोज़ वाली रिया अंदर से भी खुश है, बाहर से देखने पर तुम कमाल लगती हो… लेकिन शादी के बाद वाली फोटोज़ में बाहर से तो बहुत सुंदर है लेकिन अंदर की खुशी चेहरे से गायब है। क्या बात है… कुछ छिपा रही हो मुझसे?”

“बात करने से ही किसी समस्या का हल निकलता है बता दो।”

“क्या बताऊँ यार, पिया शादी के बाद मैंने ख़ुदको पूरा बदल दिया है। अब बाहरी रंग को तो नहीं बदल सकती, लेकिन मन से अब मैं वो रिया नहीं हूँ जो एक अल्हड़, बिंदास हंसने वाली मस्त लड़की होती थी। शादी के बाद अब शरीर के साथ आत्मा नहीं है…”, इतना बोलकर रिया चुप हो जाती है।

दोस्तों हमसे से कितनी ही महिलाओं की ज़िंदगी शादी के बाद बदल जाती है। हमारा उठना, बैठना, बोलना, चलना, खाना, पीना सब बदल जाता है। यहां तक कि हमारी हंसी भी बदल जाती है। हम अपना सब कुछ बदल लेती है लेकिन फिर भी वह घर हमें कभी अपनाता नहीं है। ना तो पूर्ण बहू बनने देता न ही बेटी? आप अपनी बहू को बहू ही रहने दो उसे बेटी न बनाओ, लेकिन खुलकर जीने की आज़ादी दे दो।

आप सब का क्या कहना है इस बारे में कृपया अपने विचारों को भी व्यक्त करें।

मूल चित्र : Unsplash 

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

Online Safety For Women - इंटरनेट पर सुरक्षा का अधिकार (in Hindi)

टिप्पणी

अपने विचारों को साझा करें, विनम्रता से (व्यक्तिगत हमला न करें! वेबसाइट के नीची भाग में पूरी टिप्पणी नीति पढ़ें |)

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

क्या आपको भी चाय पसंद है ?