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साल 2020 के रमज़ान और इफ्तार के दिनों में बढ़ रही हैं दिलों की नज़दीकियां

Posted: मई 13, 2020

इफ्तार के समय मैं महसूस कर सकती हूँ कि ईद या किसी भी अन्य भारतीय त्यौहारों को सोशल डिस्टेंसिंग के रहते मनाना, हम सभी के लिए मुश्किल होगा।  

अनुवाद : इमरान खान 

मेरे फ़ोन बीप करता है, मेरे व्हाट्सप्प ग्रुप पर, जिसका नाम खान हाउस है, एक मैसेज आता है, ‘आज का वक़्त (इफ्तारी करने का वक़्त) शाम 6:58 है।’

अभी शाम के 6: 30 बजे हैं, इसलिए मेरे पास और 28 मिनट हैं । मैं टेबल सेट करने के लिए समय निकालती  हूं,  मैं अपनी कॉफी, मेरे द्वारा बनाए गए पिज्जा, खजूर और अन्य चीजों को टेबल पर ले जाती हूं। सब अच्छे से सेट करके मैं इसकी तस्वीर खींचती हूँ।

शाम 6:56 बजे, मैं अपना फोन फिर से उठाती हूँ और फैमिली ग्रुप पर जाकर वीडियो कॉल का बटन दबाती हूँ। अम्मी या डैड फोन उठाएंगे और हम बात करते हैं और फिर वे कहते हैं, “चलो भाई हो गया समय” और मैं, लॉक डाउन के दौरान रमज़ान में, अपना रोज़ा रोज़ ऐसी ही खोलती हूँ।

यह इफ्तारी पहले की तरह तो नहीं है, मगर फिर भी मैं उनके साथ हूँ

रमज़ान जश्न मनाने और परिवार और दोस्तों के साथ होने का समय है। इफ्तार पार्टियां, सेहरी और इफ्तार के लिए जामा मस्जिद की यात्राएं और रात के बाजार, मेरे लिए, जहां तक मैं याद रख सकती हूँ, रामज़ान का सार हैं। यह अब पुरानी यादों की तरह लगता है।

2020 हर साल की तरह ही होने वाला था, लेकिन यहाँ हम उन सब चीज़ों से जुड़ा हैं जिन्हें हम भारतीय होने के नाते पसंद करते हैं, खासकर अपने त्यौहार। हम अपने छोटे से लॉक-डाउन के बक्से में हैं, उम्मीद करते हैं, प्रार्थना करते हैं, और अगले साल के बेहतर होने की कामना करते हैं। वर्ष 2020 एक बुरे सपने जैसा लगता है और इससे ज्यादा कुछ नहीं।

जनता कर्फ्यू और लॉक डाउन की घोषणा से बहुत पहले, मैंने अपने माता-पिता से नहीं मिलने के लिए एक सचेत निर्णय लिया। हम सभी सोशल डिस्टेंसिंग में हैं, लेकिन मैं झूठ बोलूंगी अगर मैंने कहा कि ये समय बहुत कठिन है।

वे बुज़ुर्ग हैं, और  मेरी साप्ताहिक यात्राएँ उनके लिए उतनी ही महत्वपूर्ण थीं जितनी वे मेरे लिए थीं, हालाँकि मैं शायद इसे पर्याप्त रूप से स्वीकार नहीं करती।  मुझे लगा कि रमज़ान ठीक होगा, लेकिन जैसे ही मार्च, अप्रैल में तबदील हुआ, मुझे लगने लगा कि ऐसा नहीं होगा।

हम सब अब भी जुड़े हैं और यह मायने रखता है

हमको वहीं रहना होगा जहाँ हम रह रहे हैं। हमको एक दूसरे से मिलना और जश्न मानना इन सब चीज़ों से दूर रहना होगा और अपने जज़्बे को अपने भाव को ऊँचा ही रखना होगा, उसे नीचे नहीं होने देना। मैंने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया कि मैं चाहे जो भी करूं, मैं उनके साथ ही अपने रोज़े को तोड़ूंगी।

प्रौद्योगिकी हमेशा से मददगार रही है। यह एक वरदान जैसा ही है क्योंकि मैं अपने माता पिता को हर दिन देख लेती हूँ । लेकिन मैं पहले से ज़्यादा खुद अकेला महसूस करती हूँ। यह बिलकुल भी वैसा नहीं है, जब मैं अपनी माँ के पास बैठ कर उनसे कहती, “माँ आज का खाना बहुत स्वादिष्ट बना है।”

मैं हर दिन अपने इफ्तार की तस्वीरें पोस्ट करती हूं। यह मेरे चारों ओर वास्तविकता की भावना को बनाए रखता है। मैं तस्वीरों को फैमिली ग्रुप में पोस्ट करती हूँ , मैंने उन्हें अपनी इंस्टा कहानियों पर भी पोस्ट करती हूँ और साथ क साथ मैंने उन्हें ट्विटर पर भी डाल दिया। समाज में इसकी मान्यता हो या नहीं मगर मुझे यह तरीका बहुत पसंद आया और मैं खुद को ऐसा महसूस कराती हूँ जैसे मैं इस महीने का जश्न मना रही हूँ।

 दोस्तों के साथ वर्चुअल इफ्तार भी मददगार है

जब रमज़ान शुरू हुआ, तो मैंने एक ट्वीट भी किया जिसमें कहा गया कि अगर कोई मेरे साथ वीडियो कॉल पर इफ्तार करना चाहता है, तो मैं तैयार हूँ और मेरे दो दोस्तों, समीर और अनुजा दोनों ने भी मेरा साथ दिया।

समीर बहुत ज़्यादा करता है और मुझे हाईड एन्ड सीक बिस्किट की एक तस्वीर भेजने के बाद कहता है, “क्या मैं इन कुकीज़ के साथ आपके साथ इफ्तार में शामिल हो सकता हूं?” यह ज्यादा बहुत ज़्यादा नहीं दिखाई देता । लेकिन मेरे लिए, यह एक संकेत है कि कोई मेरे बारे में इस समय भी सोच रहा है। इस समय परिवार की कमी के लिए कुछ भी क्षतिपूर्ति नहीं करता है, लेकिन दोस्त आपको याद दिलाते हैं कि वे आपके परिवार ही हैं।

ईद भी इस साल ऐसी ही होने वाली है, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पैमाना है, और मैं महसूस कर सकती हूं कि इस साल त्यौहार मनाने में सक्षम नहीं होना सभी के लिए कितना दर्दनाक होगा। यह एक प्रमुख त्यौहार है और इसको मानाने के लिए हम साल भर तत्पर रहते हैं। लेकिन इस साल हम सब आगे देख रहे हैं कि चाहे चीजें वापस सामान्य हो रही हैं मगर जश्न मनाने का इंतजार करना होगा क्योंकि आप जिसको प्यार करते हैं उसके बिना जश्न क्या मनाना।

हो सकता है कि यह इफ्तार भी तक एक और इफ्तार की यादों में जुड़ जाए

एक महामारी की बड़ी योजना में, एक त्यौहार को याद करना वास्तव में एक छोटी चीज़ की तरह लगता है और इसके बारे में बात करना और विलाप करना मेरे विशेषाधिकार को स्वीकार नहीं करने का संकेत है। एक विशेषाधिकार जो मुझे घर पर रहने की अनुमति देता है, नौकरी करने की अनुमति देता है, खाना बनाने और खाने की अनुमति देता हैं और हर दिन अपने माता-पिता के साथ वीडियो कॉल करने की अनुमति देता है।

लेकिन मेरी छोटी सी दुनिया में, यह एक दृश्य है जो यादों को दूर करने के लिए बनाया जा सकता है। और यह पिताजी के साथ मजाक नहीं कर पाने और अम्मी को यह बताने में सक्षम नहीं होने के बारे में है कि जब वह लौकी बनाती हैं, तो इसका स्वाद दुनिया के सर्वश्रेष्ठ भोजन से बेहतर होता है। ये साल इन सब चीज़ों को याद करने का है जो मेरा अभिन्न अंग हैं।

मैं आज इफ्तार के लिए बर्गर और कॉफी शेक बना रही हूँ, अपने माता-पिता के साथ होने वाली वर्चुअल डेट के लिए। हो सकता है कि यह एक स्मृति हो जिसे मैं 2021 में यादों में देख कर कर मुस्कुरा सकूँ!

तब तक, घर पर रहे और सामाजिक दूरी बनाये रखें।

पोस्ट चित्र : लेखक की एल्बम से

मूल चित्र : Canva

लेखक के बारे में : तंज़िला अनीस, दिल्ली से मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे हर ज़रूरी बात ट्विटर @aaliznat पर कहती हैं। उन्हें रसोई में काम करना पसंद है और वे खुद को दो छोटे कुत्तों की माँ कहती हैं। 

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