कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

क्या वर्क-फ्रॉम-होम करते हुए आपको भी ये बातें सुननी पड़ती हैं?

Posted: April 1, 2020

मुझे उम्मीद है कि लोगों को अब एहसास होगा कि ‘घर’ से भी काम किया जा सकता है क्यूंकि काम तो काम होता है और घर हो या ऑफिस, ये तो बस स्थान मात्र हैं।

अनुवाद : शगुन मंगल 

आख़िरकार घर से काम करना वैध हो गया है। दुनिया को यह समझने के लिए एक महामारी की आवश्यकता पड़ी कि घर से काम करना भी काम करने का आधिकारिक तरीका होता है। कम से कम भारत में तो घर से काम करना एक नई अवधारणा है और आईटी सेक्टर के कर्मचारियों या स्वतंत्र पेशेवरों के लिये तो ये कथित विशेषाधिकार बना हुआ है। इस तरह से काम करने वाली महिलाओं ने कुछ वर्षों से बड़े पैमाने पर दोस्तों परिवार और समुदाय के लोगों के तानों को सहा है।

लोगों के ताने

मैंने उनमें से कुछ तानों की लिस्ट बनाने की कोशिश करी है जिन्हें मैंने सुना है, दूसरों ने सुना है या अनुभव करा है।

  1. वह घर के कामकाज से बचने के लिए अपने लैपटॉप के पीछे लगी रहती है।”
  2. ओह, तुम घर से काम करती हो, मुझे यकीन है कि तुम्हारे पास बहुत सारा समय होता होगा।”
  3. कृपया, क्या तुम कल घर से काम कर सकती हो और बच्चों को स्कूल छोड़ देना, घर को साफ कर देना, आने वाले रिश्तेदारों के लिए एक दावत तैयार कर देना और माँ को उनके वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भी ले जाना।”
  4. वैसे भी तुम घर से ही काम कर रही हो, तो तुम मेरे बच्चों की देख भाल कर लेना, तब तक मैं अपने काम खत्म कर लूँ।”
  5. आज चूंकि वह घर से काम कर रही है, तो वह अपने बच्चे की देखभाल खुद करेगी, रसोइए और घर के काम करने वाले की देख-रेख करेगी, किराने का सामान लाने के लिए बाहर जाएगी और शाम की चाय के साथ कुछ दिलचस्प स्नैक्स तैयार करेगी। आह, मैं आराम कर सकता हूं।”
  6. ओह, उनकी बेटी घर से काम करती है। मुझे नहीं लगता कि उसे अच्छी सैलरी मिलता है।
  7. “तुम्हें घर की सहायता या, यहां तक ​​कि, एक कुक की आवश्यकता क्यों है। क्या तुम घर से काम नहीं करती हों ?”
  8. तुम्हे पता है हर बार जब हम उनके घर जाते तो उनकी बेटी एक कमरे में बंद रहती है और उसकी जोर-जोर से हंसने की आवाज़ें आती हैं और कभी गुस्से में चिल्लाने की भी। जब वह घर से काम कर रही होती है, तो उसे अपने सहयोगियों से लगातार बात करने की आवश्यकता क्यों होती है?”
  9. वह जब भी काम पर जाती है तो लेट आती और डेडलाइन्स का हवाला देती है; और ऐसे कैसे कि जब वो घर रहती है तो समय पर लॉग-ऑफ कर देती है?”
  10. वह बहुत अच्छी तरह से शिक्षित है, वह आसानी से एक अच्छीपैसों वाली नौकरी पा सकती है। मुझे नहीं पता कि वह घर से क्यों काम करना चाहती है?”
  11. शुक्रवार की फन एक्टिविटीज में हम घर से काम करने वाले सहकर्मियों को शामिल नहीं करते हैं। वैसे भी, वे हर दिन घर से लॉगिन करके मज़े हीं कर रहे हैं।
  12. पति: “मुझे लगता है कि हमें एक बच्चे की प्लानिंग करनी चाहिए।” पत्नी: “लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं एक बच्चे के साथ काम और घर का प्रबंधन कर सकती हूं।” पति: “ओह, मुझे यकीन है कि तुम  अपने फ्लेक्सिबल काम समय के साथ कर सकती हो। बस वर्क फ्रॉम होम ले लेना।”
  13. ऐसे कैसे वो घर से काम करती है, उसके तो बच्चे भी नहीं हैं।”
  14. वह घर से क्यों काम करती है, वह ऑफिस के पास रहती है, वह आसानी से हर दिन ट्रैवल कर सकती है।”
  15. अरे, यह गुरुवार का दिन है, तुम्हारे घर से काम करने का दिन! आज तो हम कोई वेब सीरीज़ देख सकते है, क्या कहती हों?”
  16. सिंगल्स के लिए तो घर से काम करना विशेषाधिकार हैं  उनके पास उनकी माँ होती है लाड़ प्यार के लिए और साथ में वो तरक़्क़ी भी करते जाते हैं। 

अब जब विभिन्न राज्यों और देशों की सर्वोच्च राजनीतिक शक्तियों द्वारा घर से काम करने की अवधारणा का सुझाव दिया गया है, तो मुझे उम्मीद है कि लोगों को अब एहसास होगा कि ‘घर’ सिर्फ काम करने के लिए एक दूसरा स्थान है। काम टाला नहीं जा सकता है और स्थिर है जबकि ‘घर’ या ‘ऑफिस’ तो बस नाम हैं।

घर से काम

  • पसंद या नौकरी का स्वभाव है और बहाना नहीं
  • अच्छी तरह से भुगतान वाली हो सकती है 
  • किसी भी जेंडर के लिए हो सकती है 
  • अच्छी पोजीशन और डेसिग्नेशन वाली हो सकती है
  • कार्यालय से काम करने की तुलना में लंबे समय तक काम कर सकते हैं
  • महिलाओं पर हमेशा ज़्यादा तनाव होता है क्यूंकि उन्हें घर के काम भी करने होते हैं 
  • उचित ब्रेक या अच्छी तरह से प्रबंधित नहीं होने पर भावनात्मक मुद्दों को जन्म दे सकता है

हो सकता है, आधिकारिक लॉकडाउन की इस स्थिति में, जैसा कि अब पुरुष भी घर से काम कर रहे हैंतो  सामाजिक और पुरुष प्रधान वाली सोसाइटी में वर्क फ्रॉम होम को सामाजिक और पितृसत्तात्मक वैधता मिलेगी और महिलाओं को अब मित्रवत ताने नहीं दिए जाएंगे।

मूल चित्र : Canva

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

A passionate writer, who is strong in expressing her opinions and steadfast on her beliefs.

और जाने

महिलाओं का मानसिक स्वास्थ्य - महत्त्वपूर्ण जानकारी आपके लिए

टिप्पणी

अपने विचारों को साझा करें, विनम्रता से (व्यक्तिगत हमला न करें! वेबसाइट के नीची भाग में पूरी टिप्पणी नीति पढ़ें |)

Women In Corporate Allies 2020

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

Women In Corporate Allies 2020