तुम मुझे क्या छोड़ोगे, तुम तो ख़ुद अपनी क़ैद में हो…

मुझे लगा तुम वो हो जिसे मैं कब से ढूंढ रही थी, मुझे लगा कि दुनिया में सब एक सरे नहीं, कुछ अलग भी हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद तुम भी वैसे ही हो गए? तुम मुझे क्या छोड़ोगे, तुम तो ख़ुद अपनी क़ैद में हो, तुमसे बू आती है मुझे ज़माने के दकियानूसी पहलुओं … तुम मुझे क्या छोड़ोगे, तुम तो ख़ुद अपनी क़ैद में हो… को पढ़ना जारी रखें