कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

अपने उसूलों पर चलती, मैं हूँ बागी विचारों सी लड़की …

Posted: अप्रैल 20, 2020

गलत-सही निर्णय जो आप ही लेती हूं, लोगों को कम ही भाती हूं, मैं आज़ाद ख्यालों सी लड़की, अपनी एक सोच लिये, अपने उसूलों पर चलती हूं, मैं आधुनिक ज़माने की लड़की।

ढल नहीं सकती,
आडम्बर के जर्जर से ढांचों में
हाँ, मैं हूँ…
रूढ़िवादियों से खिलाफत सी लड़की।

चुप हो सकती हूं कहीं,
पर हामी न भरूँगी दक़ियानूसी बातों पर,
बेशक हूं मैं,
विचारों से बगावत सी लड़की।

गलत-सही निर्णय जो आप ही लेती हूं
लोगो को कम ही भाती हूं,
मैं आज़ाद ख्यालों सी लड़की।

अपनी एक सोच लिये,
अपने उसूलों पर चलती हूं।
ईमानों के लिए आज भी लड़ती,
मैं आधुनिक ज़माने की लड़की।

बेतर्क न मानूँगी
खोखली वर्जनाओं को…
बेशक हूँ मैं,
बागी मिज़ाजों सी लड़की।

मूल चित्र : Canva

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

घर के बाहर काम करने से क्या मैं बुरी माँ बन जाऊँगी?

टिप्पणी

Women In Corporate Allies 2020

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

Women In Corporate Allies 2020