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दहेज मांगने वालों, अब बहु-बेटियां खुद करेंगी तुम्हारा बहिष्कार…

दहेज के लिए किसी की बेटी को तंग करने, उसको प्रताड़ित करने से पहले दो बार जरूर सोचें कि हम जो करने जा रहे हैं, उसका गंभीर परिणाम भी हमें भुगतना होगा।

दहेज के लिए किसी की बेटी को तंग करने, उसको प्रताड़ित करने से पहले दो बार जरूर सोचें कि हम जो करने जा रहे हैं, उसका गंभीर परिणाम भी हमें भुगतना होगा।

अपनी मधु के रोने और कराहने की आवाज़ को सुनकर सीमा हॉस्पिटल के वार्ड की तरफ भागी। ससुराल वालों ने उसकी बेटी को दहेज के लिए जिंदा जला दिया। वो तो पड़ोस में रहने वाले अब्दुल जी थे जिन्होंने उसको बचाया और हॉस्पिटल पहुंचा दिया।

डॉक्टर्स ने पास जाने से मना किया है। इस समय उसके ससुराल से कोई नहीं आया। दहेज के लोभी किस मुँह से आते सामने। लेकिन एक माँ ही होती है जो किसी भी परिस्थिति में अपने बच्चों का साथ नहीं छोड़ती। तभी अपने मुँह पर कपड़ा बांधकर सीमा खिड़की से अंदर झाँक कर अपनी मरती हुई बेटी को देख रही है और खुद से वादा करती है कि मेरी बेटी को इस हालत में लाने वाले को कड़ी से कड़ी सजा दिलवा कर रहूंगी।

सीमा ने अपनी बेटी के लिए कानून का सहारा लिया। उसने अब्दुल का साथ लेकर उसके ससुराल वालों पर केस कर दिया। पुलिस ने मधु के सास ससुर और पति को गिरफ्तार कर लिया। इसी बीच मधु को होश आया। उसने भी अपनी आप-बीती पुलिस वालों को बता दी कि कैसे आये दिन उसके पति और सास-ससुर उसको अपने मायके से पैसे लाने को कहते, उसको मारते, भूखा रखते।

जब तक उसकी माँ उसको कुछ रुपये देती रही तब तक तो ठीक था लेकिन जब माँ ने मेरे ससुराल में आकर सबसे कहा कि वो अब पुलिस में शिकायत कर देंगी, तब इन्होंने कहा कि आज से अब कुछ नहीं होगा। लेकिन माँ के जाने के बाद इन सबने उसी रात को मुझे जला दिया। वो तो अब्दुल अंकल ने मुझे बचा लिया नहीं तो वो लालची लोग मुझे मार ही डालते।

अब तो मधु का बयान से पुलिस को पक्का सबूत मिल गया और पुलिस वालों ने सबको जेल भिजवा दिया और जितना भी मधु का कन्या धन था, जो उसे उसकी शादी में मिला था, वो सारा धन, गहने, सामान सब मधु को वापिस मिल गया।

अब सीमा को हमेशा के लिए अपनी बेटी मिल गयी। सीमा ने सबको समझा दिया कि अगर आपको बेटी है तो आप उसको मरने नही देंगे बल्कि उसका ज्यादा ध्यान रखेंगे। माना लड़की वाले बेटी का कन्या दान करते हैं लेकिन उसे जिंदा जलाने के लिए ससुराल नहीं भेजते। सीमा और मधु द्वारा लिया गया कदम कई ससुराल वालों के लिए सबक बन गया। जो दहेज के लिए किसी की बेटी को तंग करने, उसको प्रताड़ित करने से पहले दो बार जरूर सोचें कि हम जो करने जा रहे हैं, उसका गंभीर परिणाम भी उन्हें ही भुगतना होगा।

दोस्तों, जो लड़की आपके घर बहू बनकर आती है, वो भी किसी की बेटी है, किसी माँ के कलेजे का टुकड़ा है। आप उसके सपनो को पूरा करने के उसकी मदद करो। दहेज के लिए अपनी बहू को परेशान मत करिए।

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मूल चित्र : Canva

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