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अकेली मैं क्या-क्या करूँ, कुछ काम आप भी तो कर दो ना…

एक आप हैं, यदि बच्चे ने पोट्टी कर भी दी तो आप उसके पिता हो, आप भी उसे धोकर साफ कर सकते हो लेकिन आपको तो अपनी मूवी देखनी है...

एक आप हैं, यदि बच्चे ने पोट्टी कर भी दी तो आप उसके पिता हो, आप भी उसे धोकर साफ कर सकते हो लेकिन आपको तो अपनी मूवी देखनी है…

“मालती बहू, कब से वाशिंग मशीन का बर्जर पों-पों कर रहा है। तुम्हें सुनाई भी दे रहा है?”

“हाँ माँजी अभी आयी!” कहते हुए मालती रसोई से भागते हुए आयी और बोली कि वो राजमा को तड़का लगा रही थी, “अभी वाशिंग मशीन को बंद करके आयी।”

मालती मन मे सोच रही है लॉकडाउन तो बाहर हुआ है, लेकिन माँजी तो अपनी चारपाई पर ही लॉक हो गयी हैं। किसी भी काम के लिए नहीं उठतीं बस बैठे-बैठे बोल देती हैं कि बहू ये कर दे, बहू वो कर दे।

तभी मालती के पति रवि ने चिल्लाकर कहा, “अरे कहाँ हो तुम? देखो शोमू ने पोट्टी कर दी इसे साफ कर दो। बहुत बदबू आ रही है।”

अभी मालती ने कपड़े ड्रायर में डाले ही थे, “आ रही हूं अभी। आप शोमू को टॉयलेट तक ले जाओ।”

“तुम अपने कपड़ों को छोड़कर का जाओ, बाद में कर लेना कपड़ों का काम।”

‘अपने कपड़ों’ को छोड़कर मालती ने आकर शोमू की पोट्टी साफ कर उसे रवि के पास बैठा दिया। देखा तो रवि मूवी देखने में मग्न थे। रवि बोले, “यार! इसे तुम बाहर ले जाओ। ये मुझे परेशान करता है।”

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मालती ने शोमू को गोदी में उठाया और उसे माँजी के पास बिठाने गयी तो माँजी भी बोल पड़ी, “बहू ये छोटा सा शोमू बहुत शैतान है। मुझे आराम से सोने नहीं देता। कभी कहेगा दादी अंगूर दो, तो कभी अनार। इसे तुम अपने साथ ही ले जाओ।”

मालती क्या करती, अपने बेटे को उठाकर रसोई में लायी और अपने पास बिठा लिया। इतनी देर बाद आने से उसका तड़का जल गया और जलने की बदबू अब पूरे घर मे फैल गयी। अब तो माँजी ज़ोर बोली, “बहु तुमसे कोई काम नहीं होता। बाहर पूरे देश में लॉकडाउन हो रखा है। सब्जियां वैसे भी नहीं मिलतीं, ऊपर से तुमने सारा तड़का जला दिया। अब उतना ही लहसुन, प्याज़, टमाटर, मसाले सब दुबारा लेने पड़ेंगे।” तभी रवि भी आ गए और बोले, “अब तुम्हें फिर से मेहनत करनी होगी।”

फिर मालती बोली, “आप दोनों मेरी गलती निकाल रहे हो। ये नहीं देखते कि जब मशीन का बर्जर बजा, तब माँजी भी जाकर उसे बंद कर सकती थीं, लेकिन नहीं गयी। और एक आप हो रवि, यदि शोमू ने पोट्टी कर भी दी तो आप उसके पिता हो, आप भी उसे धोकर साफ कर सकते हो लेकिन आपको तो अपनी मूवी देखनी है…मैं अकेली क्या-क्या काम करूँ? कुछ काम आप भी तो करो। जब हम सब मिलकर काम करेंगे तो मेरा काम थोड़ा आसान हो जाएगा और फिर मेरा मसाला भी नही जलेगा।”

“सही कहा बहू तुमने। ला इस शैतान को मुझे दे। रवि, जा तू रसोई में जाकर राजमा के तड़के के लिए प्याज़, टमाटर और लहसुन छिल दे…और मालती बहू तुम जाकर बाकि बचे कपड़ों को धो लो।”

दोस्तों, आप सब भी अपने परिवार के साथ इस कवारंटीन के समय घर की महिलाओं के साथ काम में हाथ बटाना ताकि वो भी आपके साथ मिलकर इस समय को हँसते हुए बिता सके।

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मूल चित्र : Canva 

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