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शादी तुमसे नहीं तुम्हारे क्रेडिट कार्ड से की थी!

Posted: मार्च 31, 2020

अगर आपको कभी ये पता चल जाए कि आपके पति और परिवार वालों को आपकी कद्र सिर्फ और सिर्फ इसलिए है कि आप कमाती हैं, तो आप क्या करेंगी?

जीवन में, पैसा बहुत मायने रखता है। हर समय आपको इसकी ज़रूरत होती है और इस के बिना जीवन को सोच ही नहीं सकते। कभी-कभी रिश्तों पर भी पैसा भारी पड़ जाता है, पैसों से आदमी सब कुछ ख़रीद सकता है लेकिन सच्चा प्यार कभी नहीं।

कुछ ऐसा ही है पीहू के साथ भी। पीहू मध्यमवर्गीय परिवार से है। उसके पिता ने कभी उसके पालन पोषण में कोई कमी नहीं की। मां और भाई-बहनों के साथ कब बचपन से जवानी आयी पता ही नहीं चला और फिर पीहू की प्राइवेट बैंक में नौकरी लग गयी।

आपको तो पता है लड़कियों के खर्चे, कभी कोई नई ड्रेस ले ली या फिर स्टाइलिश चप्पल। बस इतना ही खर्चा था उसका और कभी-कभी अपने भाई-बहिन की ज़रूरत की चीज़ें ला देती थी। लेकिन उसके पिता ने उसकी कमाई नहीं ली बोले, “इसकी शादी में काम आयेंगी।”

सही है। हम जैसे मध्यमवर्गीय परिवार अपनी छोटी-छोटी जमापूँजी से ही तो कोई बड़ा काम करते थे।

फिर वो दिन भी आ गया, पीहू के लिए अच्छा सा लड़का देखा और कर दी उसकी शादी।

शादी के बाद पीहू अपने ससुराल जयपुर आ गई। उसे अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी और अब वह अपने घर में सबके साथ रहने लगी। फिर एक दिन उसके पति रवि ने कहा, “अब तुम नौकरी कर सकती हो, यहां बहुत से प्राइवेट बैंक हैं। तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। नौकरी भी आसानी से मिल जायेगी।”

फिर तो पीहू की खुशी का कोई ठिकाना ही नही था उसने भी जल्दी से 3-4 बैंकों में इंटरव्यू दिया फिर फाइनल उसका सिलेक्शन हो गया और यहां तो सैलरी भी अच्छी खासी थी, सभी घर वाले बहुत खुश थे।

कुछ दिनों तक तो ठीक चला लेकिन फिर काम की दिक्कतें होने लगी। पीहू घर के और ऑफिस के काम से बहुत थक जाती थी, इस पर उसकी सास और ननद उसके काम मे कोई मदद भी नहीं करती।

पीहू ने अपने पति रवि से बात की तो तय हुआ कि कामवाली रख लेंगे लेकिन उसकी तनख्वाह तुम्हें देनी होगी। “ठीक है”, पीहू ने कहा।

फिर क्या था, अब रवि ने एक और बात की, “तुम अपने बैंक एकाउंट में मुझे भी शामिल कर लो ताकि कोई प्रॉब्लम न हो।” पीहू ने वैसे ही किया। अब दोनों पति-पत्नी के पास पूरी डिटेल आ जाती थी।

अब सब बिल्कुल सही तरीके से चल रहा था, लेकिन 3-4 महीने के बाद जैसे ही पीहू की सैलरी आईं उसे पता लगा कि रवि ने सारी सैलरी अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर ली। पूछने पर रवि ने बताया कि उसे ज़रूरत थी तो उसने ले लिए।

“कोई बात नहीं”, पीहू ने कहा। “हम दोनों मिलकर ही अपने घर को चलायेंगे।”

तब से फिर यह आम बात हो गयी, कभी कम कभी ज़्यादा रुपये उसके एकाउंट से रवि अपने एकाउंट में ट्रांसफ़र कर लेता।

इसी बीच पीहू को पता चला कि वो माँ बनने वाली है। उसके परिवार में सब खुश थे और धीरे-धीरे काम का प्रेशर बढ़ने के कारण पीहू से आफिस और घर मैनेज करना मुश्किल हो रहा था। उसने अपने ऑफिस में बात की और उसके ऑफिस वाले इस बात से राज़ी हो गए कि आप घर से काम कर सकती है।

धीरे-धीरे सब सही होने लगा लेकिन कुछ दिनों बाद बीपी की प्रॉब्लम से पीहू को मुश्किल होने लगी, लेकिन परिवार की खुशी के कारण उसने अपनी जॉब को नहीं छोड़ा।

फिर वह समय भी आ गया पीहू की गोद में दो नन्ही सी परियां आ गयीं। अपनी बच्चियों को संभालने में पूरा दिन लग जाता, लेकिन फिर भी काम हो नहीं पाता। जब तक उसकी सास और ननद ने उसका साथ दिया उसे कोई प्रॉब्लम नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने उसका साथ देना छोड़ दिया।

एक दिन पीहू ने जॉब छोड़ दी। जो रवि उसकी मदद कर देता था, जब उसे पता चला कि पीहू ने जॉब छोड़ दी तब उसका रवैया ही बदल गया। अब पीहू रवि को कोई काम के लिए कहती या बच्चों के सामान लाने के लिए कुछ कहती, तो वह मना कर देता या कोई बहाना बना देता, जैसे कि ‘टाइम नहीं मिला’, ‘ऑफिस से आने में लेट हो गया था’, ‘कल लेकर आ जाऊंगा’, ‘अभी जरूरत है उसकी तो तुम खुद क्यों नहीं चली जाती’ और ना जाने क्या-क्या बहाने।

इन सब से परेशान हो कर पीहू ने रवि से बात की तो रवि का कहना था, “मैंने शादी तुम्हें देख कर नहीं, तुम्हारी जॉब को देखकर की थी, तुम्हारे क्रेडिट कार्ड लिमिट को देखकर की थी। लेकिन तुमने अब जॉब छोड़ दी है तो अब तुम्हारा और मेरा कोई वास्ता नहीं है। तुम अपने घर जा सकती हो…”, सच्चाई जानकर पीहू को बहुत दुःख हुआ, बहुत बुरा भी लगा।

अब पीहू ने सोच लिया कि उसे रवि के साथ नहीं रहना। फिर पीहू एक बहुत बड़ा फैसला लिया अपने बच्चों को पालने के लिए…. उसने रवि को हमेशा के लिए छोड़ दिया।

पीहू को ऐसे मर्द की आवश्यकता नहीं थी जिसने उसके क्रेडिट कार्ड को देख कर शादी की और उसके बच्चों को पालने की हैसियत ना रखता हो। पीहू को पता चल गया था कि रवि के मन में उसके लिए कोई प्यार नहीं था। उसे तो प्यार पीहू के क्रेडिट कार्ड से था। अब पीहू को अपनी बच्चियों को अपने बलबूते पर पालना था, जिसके लिए पीहू को स्वयं को मजबूत कर लिया था और अब उसके साथ उसके मायके वाले थे।

दोस्तों, आप बताइए पीहू ने सही निर्णय लिया? या उसे अपने रिश्ते को एक मौका और देना चाहिए?

आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताएं। (इस कहानी का किसी भी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं है।)

मूल चित्र : Pexels

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