कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

उन्नाव की बहादुर बेटी का मरते दम तक संघर्ष अब किसी को भी चैन से सोने नहीं देगा

पुलिस की लापरवाही की वजह से उन्नाव की इस वीरांगना के शरीर में लगी आग की जलन अब देश की हर एक लड़की महसूस करेगी और इस सिस्टम से लड़ती रहेगी। 

पुलिस की लापरवाही की वजह से उन्नाव की इस वीरांगना के शरीर में लगी आग की जलन अब देश की हर एक लड़की महसूस करेगी और इस सिस्टम से लड़ती रहेगी। 

पांच तथाकथित मर्दों का झुंड और एक बहादुर लड़की….क्या ये मर्दानगी है?

एक बहादुर लड़की जिसने संघर्ष की एक एसी गाथा लिखी, जिसे सुनकर ही पूरा देश कांप उठा, आज उसी उन्नाव  की रेप पीड़िता की शुक्रवार की रात अंततः मृत्यु हो गई।

वह 40 घंटे लगातार मौत से संघर्ष करती रही। डॉक्टर के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट से मृत्यु की पुष्टि की गई, साथ ही बताया कि जलाने के पहले उस पर डंडों से प्रहार किया गया था और गला भी रेता गया था।

उन्नाव की ये बेटी, जो केवल 20 वर्षीय थी, का दिसंबर 2018 में रेप हुआ था, साथ ही उसका वीडियो बनाकर मुख्य आरोपी, शिवम त्रिवेदी ने कई बार रेप किया, उसके साथ एक अन्य आरोपी ने भी रेप किया।

उस लड़की ने शिवम और एक अन्य के नाम से भी रेप की शिकायत दर्ज करानी चाही, मगर पुलिस कर्मियों ने उसकी एफआईआर दर्ज़ नहीं की।

हार नहीं मानी कोर्ट का दरवाज़ा खट खटाया

इस अन्याय के खिलाफ यह बहादुर लड़की कोर्ट तक गई, अंततः कोर्ट के आदेश से मुख्य आरोपी शिवम त्रिवेदी को जेल भेजा गया मगर ऊंची पहुंच होने से, वह जमानत पर बाहर आ गया। और बाहर आते ही उसने लड़की को जान से मारने की धमकी दी।खतरे के बावजूद वह आगे कदम बढ़ाती गई ।

यह साहसी लड़की अपने रेप केस की पेशी के लिए उन्नाव रेलवे स्टेशन से रायबरेली जा रही थी कि रास्ते में शिवम त्रिवेदी के साथ मिलकर 5 लोगों ने उसे पैट्रोल डालकर  जिंदा जला दिया।

मौत आने तक किया संघर्ष

जलाने के पहले उस पर डंडे व धारदार हथियार से प्राण घातक हमला हुआ था। वह 90% जल गई, तब भी वह नहीं रुकी, और 1 किलोमीटर तक पैदल चल कर किसी ग्रामीण के फोन से खुद पुलिस को कॉल कर मदद मांगी तब जाकर पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया।

Never miss real stories from India's women.

Register Now

डॉक्टर उसकी जिजीविषा को देखकर दंग रह गए

90% जलने के बाद भी उसका ब्लड प्रेशर, पल्स रेट बगैरह, नॉर्मल थे। मृत्यु पूर्व उसने सारे आरोपियों का नाम बताया, और अपने भाई से कहा, “मुझे अभी नहीं मरना है, मैं बच जाऊँगी ना!”

क्षति पूर्ति  मे वीरांगना के परिवार को धन के अलावा न्याय कब मिलेगा

उत्तर प्रदेश के ,सीएम योगी आदित्य नाथ के 2500000 रुपए दे देने से मामले की गंभीरता कम हो जाती है क्या? उन्नाव के इस वीरांगना के संघर्ष पर कौन से बहाने का अमलीजामा पहनाया जाता है, अब ये देखना होगा।

एक अकेली लड़की वह कर गई जो पूरी सुरक्षा व्यवस्था नहीं कर पाती। आनन-फानन में प्रशासन ने सात पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। उनकी लापरवाही के जुर्म से शायद उन्नाव की इस वीरांगना के शरीर में लगी आग की जलन देश की हर एक लड़की महसूस करेगी। मैं आशा करती हूँ कि जब तक न्याय व्यवस्था कठोर से कठोरतम नहीं हो जाती तब तक यह आग नहीं बुझेगी।

मूल चित्र : Canva

टिप्पणी

About the Author

41 Posts | 271,233 Views
All Categories