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फिल्म छपाक का #MuhDikhai 2.0 कौन सी मुँह दिखाई की तरफ इशारा है

फिल्म छपाक का #MuhDikhai 2.0, आइये जानें क्या है 10 जनवरी 2020 को रिलीज़ होनेवाली इस फ़िल्म का हाल ही में सोशल मीडिया पर आया ये वीडियो। 

फिल्म छपाक का #MuhDikhai 2.0, आइये जानें क्या है 10 जनवरी 2020 को रिलीज़ होनेवाली इस फ़िल्म का हाल ही में सोशल मीडिया पर आया ये वीडियो। 

10 जनवरी 2020 को रिलीज़ होने वाली फ़िल्म ‘छपाक’ का हाल ही में सोशल मीडिया पर आया एक वीडियो है #MuhDikhai 2.0

यह वीडियो देखना जितना पीड़ादायक है उतना ही प्रेरणादायक। यह वीडियो उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है जो एसिड अटैक सर्वाइवर्स को मुंह छिपाकर समाज में विचरने का आदेश देते हैं। एसिड अटैक के बाद बदला हुआ चेहरा भी तो इसी समाज की देन है। वो एसिड से झुलसे चेहरे नहीं हैं, वे तो हमारे बीच खुले घूम रहे दरिंदों का आइना है।

फ़िल्म की लेखिका दिग्दर्शिका मेघना गुलज़ार ने वीडियो में कहा है कि #MuhDikhai 2.0 एक पहल है जो एसिड अटैक सर्वाइवर्स को समाज में सम्माननीय और समानता का दर्जा देने का वादा करती है। इस पहल को साकार करने के लिए मेघना ने अपने फ़िल्म में ४ एसिड अटैक सर्वाइवर्स को अभिनय का मौका दिया।

फ़िल्म में मुख्य किरदार निभाया है दीपिका पदुकोण ने जिनका नाम मालती है। मालती दरअसल लक्ष्मी अग्रवाल हैं जो एसिड अटैक से उबरने के बाद इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक के गयीं थीं। लक्ष्मी का आत्मविश्वास काबिले तारीफ है, जब वह कहती हैं कि ‘असली खूबसूरती अंदर है, बाहर नहीं।’

‘मुंह दिखाई 2.0’ में दीपिका ने बताया है कि एसिड को किस तरह से नारी के शारीरिक रूप के खिलाफ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। मेघना कहती हैं एसिड अटैक के बाद वह स्त्री खुद को उस तरह से नहीं देख पाती जैसे वह हमेशा दिखा करती थी और यह उसे अंदर तक तोड़ देता है। उस स्त्री के लिए आइना देखना सज़ा के समान हो जाता है। जहां यह समाज मन के सुंदरता की बात करता है वहां एसिड से झुलसे चेहरे खुलेआम देखने से कतराना क्यों? क्यों एसिड अटैक सर्वाइवर को अपना मुंह छुपाना पड़े? उसकी कोई गलती ना होते हुए भी?

एसिड अटैक जितना क्रूर अपराध है उसे से भी कहीं ज्यादा क्रूर है उन झुलसे चेहरों का अस्वीकार। मेघना गुलज़ार के इस वीडियो में चारों एसिड अटैक सर्वाइवर लड़कियों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि किस तरह इस क्रूर घटना से उबरने की कोशिश ने उन्हें अंदर से मजबूत बना दिया है और किस तरह समाज में मुंह दिखाई सिर्फ उनका हक ही नहीं उनकी गरिमा भी है।

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चारों लड़कियों ने मेघना को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस फ़िल्म का हिस्सा बनना भी उनके लिए कितने गौरव की बात है! इस बात पर मेघना ने कहा कि चारों फाइटर्स को कैमरे के सामने काम करते देखना कितना सुखद अनुभव था!

वीडियो के आखिर में सभी लड़कियों और दीपिका को एक ट्रेन में सफर करते हुए दिखाया गया है जहां सभी गाना गाती हैं “बगावत के शोले जला देंगे, दुनिया में कोहराम मचा देंगे।” और यहीं दीपिका कहती हैं, “it’s a wrap”.

दुःख की बात यह है कि अब तक एसिड अटैक की शिकार स्त्रियां ही हैं? क्या हमारा पुरुषप्रधान समाज इतना डरपोक है कि स्त्री की उन्नति, समानता और सशक्तिकरण उसे खुद के अस्तित्व के लिए धोखे की तरह नज़र आ रहा है? क्या इसीलिए वह मुंह झुलसा कर उसका पूरा अस्तित्व जलाना चाहता है?

जागो पुरुषों! ना तुम कभी सीता के अस्तित्व को मिटा पाए ना ही द्रौपदी का! समय आ गया है औरत को सम्मान देने का। समाज वही सशक्त होता है जिसमें नारी समान रूप से सशक्त होती है।

मेघना गुलज़ार ने बनाए इस वीडियो ने यकीनन कई सोच, कई स्वभाव बदले होंगे। आइए हम भी एक मुंह दिखाई करें अपने आंतरिक आज़ादी और खूबसूरती की!

मूल चित्र : YouTube 

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Pragati Bachhawat

I am Pragati Jitendra Bachhawat from Mumbai. Homemaker and an Indian classical vocalist. Would love to explore a new Pragati inside through words and women's web. read more...

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