नर! नारी बिन कभी पूर्ण नहीं, नारी बिन नर का अस्तित्व नहीं

Posted: September 10, 2019

सम्मान करो उसका, वह तो जीवनदात्री है, उड़ने दो उन्मुक्त गगन में उसको, जिसकी वह अधिकारी है, नारी बिन नर का अस्तित्व नहीं, नर नारी बिन कभी पूर्ण नहीं

मत तिरस्कृत करो नारी को
नारी नर की जननी है
नारी बिन नर का अस्तित्व नहीं
नर! नारी बिन कभी पूर्ण नहीं

मां, बहन, पत्नी, बेटी रूप में
पग-पग पर देती सुखद एहसास तुम्हें
नारी का ही पा सानिध्य नर,
बनता खरा दमकता कंचन है
नारी बिन नर का अस्तित्व नहीं
नर! नारी बिन कभी पूर्ण नहीं

सम्मान करो उसका
वह तो जीवनदात्री है
उड़ने दो उन्मुक्त गगन में उसको
जिसकी वह अधिकारी है
नारी बिन नर का अस्तित्व नहीं
नर! नारी बिन कभी पूर्ण नहीं

मूल चित्र : Unsplash


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