कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

क्या आपके बचपन में भी कोई ऐसा व्यक्ति था जो अब भी आपको याद आता हो?

Posted: September 26, 2019

हम सब उन्हें टॉफी वाली नानी कहकर बुलाते थे। वो रोज़ आतीं, अपनी छोटी सी लाठी के सहारे, झुकी हुई कमर, लेकिन उनके चेहरे की चमक आज भी याद है।

बचपन के दिन भुला ना देना, आज हँसे कल भुला ना देना….

ये गाने की लाइन बहुत सुंदर है, बिल्कुल सटीक, अपने बचपन की यादों को ताज़ा करने के लिए।

मुझे आज भी बहुत अच्छे से याद है। गर्मियों की छुट्टियों में हम सब भाई-बहन मामा जी के घर, घरौंडा जाते थे। सब मोहल्ले के बच्चों के साथ हमारी जान पहचान थी।

वह सब भी हमारा इंतज़ार बेसब्री से करते थे। कुछ अपनी नानी के घर जाते तो कुछ आते थे। लेकिन हमारे खेल-कूद सुबह से देर रात तक चलते थे। जब तक मामा जी आ कर दो डांट ना लगा दें, तब तक खेलना। फिर रात को ठंडी-ठंडी कुल्फी खाना।

देर रात तक, घर के बाहर बैठ कर गप्पे मारना, वो खेल जो हमें सिर्फ गाँवों में ही मिलते हैं, जैसे चोर-सिपाही, गिल्ली-डंडा, छुपम-छुपाई, सांप-सीढ़ी, सतोलिया, और शाम के समय हम सब बच्चों का नाच-गाने का प्रोगाम।

इन सब के साथ हमारी दूर के रिश्ते की नानी, जो रोज़ शाम को अपनी जेब में टॉफियां लेकर आती थीं, संतरे के रस वाली खट्टी-मीठी टॉफी। हम सब उन्हें टॉफी वाली नानी कहकर बुलाते थे। वो रोज़ आतीं, अपनी छोटी सी लाठी के सहारे, झुकी हुई कमर, लेकिन उनके चेहरे की चमक आज भी याद है।

हम सब बच्चे उनको घेर लेते, सबको टॉफी मिलती, जितनी नानी देना चाहे। ये सब करने में हमें बहुत अच्छा लगता था। कभी नानी नहीं आतीं तो हम सब उदास हो जाते, ‘क्या हुआ होगा, नानी आज क्यों नहीं आईं?’

नानी जी हम बच्चों की जान थीं।

आज भी हम जब भी मामा जी के घर जाते हैं, सब मिलते हैं, वही मोहल्ला, वही बच्चे, जो अब बड़े हो गए, हमारी ही तरह…

लेकिन, टॉफी वाली नानी नहीं मिलती।

उनकी बहुत याद आती है…

दोस्तों, आपके बचपन में भी ऐसा कोई व्यक्ति था जो अब भी आपको याद आता हो तो ज़रूर बतायें।

मूल चित्र : Unsplash 

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

Online Safety For Women - इंटरनेट पर सुरक्षा का अधिकार (in Hindi)

टिप्पणी

अपने विचारों को साझा करें, विनम्रता से (व्यक्तिगत हमला न करें! वेबसाइट के नीची भाग में पूरी टिप्पणी नीति पढ़ें |)

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

क्या आपको भी चाय पसंद है ?