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साड़ी सेल – एक अनार सौ बीमार

Posted: August 14, 2019

ये तो एक अनार और सौ बीमार वाली बात हो गई क्योंकि एक सोने का सिक्का पाने के लिए सेल में हज़ारों महिलाओं की भीड़ जमा हो गई थी।

ठगियों की टोली ने पुलिस के डर से बहुत दिन से कोई ठगी कर मोटे पैसे नहीं बनाये थे, उन लोगों ने इस बार दूसरे शहर को निशाना बनाने की योजना बनाई।

जग्गु ने कहा, “इस बार महिलाओं को निशाना बनाते हैं।”

मनकू ने कहा, “हम साड़ीयों की सेल लगायेंगे और नकली और पुरानी सिल्क की साड़ियां कम दाम में बेचेंगे। उन साड़ियों में से किसी एक साड़ी में एक पर्ची डाल देंगे कि जो लकी होगा उसे सोने का सिक्का मिलेगा।इसके लिए महिलाएं अधिक से अधिक साड़ियां खरीदेंगी और इससे हमारी मोटी कमाई होगी। ये सेल हम सिर्फ एक दिन के लिए ही रखेंगे।”

उनके मुखिया को ये योजना बहुत पसंद आई और उन लोगों ने एक सप्ताह पहले जोर-शोर से इस सेल का प्रचार-प्रसार करना शुरू कर दिया। और, हुआ भी वही। महिलाएं सेल के लिए कितनी उतावली रहती हैं ये तो जगजाहिर है, और ऊपर से एक सोने का सिक्का! ये तो सोने पर सुहागा हो गया था।

नियत समय पर दुकान में भारी भीड़ जमा हुई और सोने के सिक्के पाने के लिए धड़ाधड़ पांच सौ साड़ियां बिक गईं। ये तो एक अनार और सौ बीमार वाली बात हो गई क्योंकि एक सोने का सिक्का पाने के लिए हज़ारों महिलाओं की भीड़ जमा हो गई थी।

एक महिला की साड़ी में सोने के सिक्के वाली पर्ची आ गई वो खुशी से नाच उठी। दुकानदार ने कहा, “आप कल आकर अपना इनाम ले जाइए।” जो महिलाएँ लकी विजेता नहीं बनीं, वो इस बात से खुशी से फूले नहीं समा रही थीं कि उन्होंने औने-पौने दामों में इतनी अच्छी सिल्क की साड़ियां खरीद लीं। कुछ अपनी किस्मत को रोते हुए घर पहुँच गईं। लेकिन बाद में वही भाग्यशाली निकलीं। इधर ठग भी उतने ही खुश थे कि उन्होंने महिलाओं को बेवकूफ बनाकर एक दिन में ही मोटी कमाई कर ली और रातों-रात वहाँ से रफूचक्कर हो गए।

दूसरे दिन, विजेता महिला सोने का सिक्का लेने दुकान के पास पहुँची तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वहां कोई दुकान नहीं था बल्कि समतल मैदान था। धीरे-धीरे कुछ और महिलाएं साड़ी वापस करने आईं क्योंकि साड़ी खोलते ही फटने लगी थी।

सबने एक साथ सर पीट लिया और तौबा की कि आज के बाद वो सेल की साड़ियां नहीं खरीदेंगी। कुछ दिनों बाद फिर कहीं सेल लगी, फिर सारी महिलाएं वहाँ पहुँच गयीं।

मूलचित्र : Pixabay

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