कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

देश के वीर जवान

Posted: अगस्त 1, 2019

गर चंद छींटे लहू के पड़े दामन पर तेरे, नम ना करना इन पलकों को तू, स्पर्श कर तेरे चरणों को, अमर हो जाने देना मेरे लहू को तू। 

आओ सुनें आज़ादी की कहानी 
वीरों की ज़बानी 

यह धरती 

आन है मेरी 

शान है मेरी 

इससे है पहचान मेरी 

भारत माँ के कदमों में है 

न्योछावर जान मेरी 

मैं हूँ इस देश की पहरेदार 

सोचकर करना इस पर एक भी वार 

क्योंकि मैं भी हूँ तैयार 

बाँध सर पर कफ़न 

भर दिल में सरफ़रोशी की तमन्ना 

लिए हाथ में आज़ादी की मशाल 

दौड़ रहा रगों में इंकलाब 

बोल रहा लहू का हर कतरा-कतरा 

भारत माँ की कसम 

सांसों के अंतिम छोर तक 

ना मानूंगा हार 

मौत से क्या डराएगा मुझे 

मौत की महफ़िल में ज़िंदगी को है दी पनाह मैंने 

इस जंग के मैदान में 

मौत भी आए बीच में तो 

हंसकर उससे भी लड़ जाऊंगा 

पर तेरे आँचल में दाग़ ना आने दूंगा 

हाँ गर चंद छींटे लहू के पड़े दामन पर तेरे 

नम ना करना इन पलकों को तू 

स्पर्श कर तेरे चरणों को 

अमर हो जाने देना मेरे लहू को तू 

भूल कर भी पोंछना ना इन्हें 

एक टीका लगा मेरे माथे पर वीरगति का

बाकी का कर लेना तू शृंगार 

सालों तक 

मिसाल देंगी ये लहू की बूंदें 

तेरी कोख़ से जन्म लिए थे शेरों ने कई 

तेरी कोख से जन्म लिए थे वीरों ने कई 

मूलचित्र : Unsplash 

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

Founder of 'Soch aur Saaj' | An awarded Poet | A featured Podcaster | Author of 'Be Wild

और जाने

घर के बाहर काम करने से क्या मैं बुरी माँ बन जाऊँगी?

टिप्पणी

Women In Corporate Allies 2020

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

Women In Corporate Allies 2020