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करियर ब्रेक के बाद दोबारा जॉब शुरू करने के 5 ज़रूरी टिप्स

करियर ब्रेक के बाद दोबारा जॉब शुरू करने की ये 5 टिप्स खास उन महिलाओं के लिए हैं जो एक बार फिर से जॉब करना चाहती हैं।

करियर ब्रेक के बाद दोबारा जॉब शुरू करने की ये 5 टिप्स खास उन महिलाओं के लिए हैं जो एक बार फिर से जॉब करना चाहती हैं।

नोट : यह पोस्ट पहले अंग्रेजी में पब्लिश हुआ है। इसका अनुवाद निकिता सेंगर ने किया है। 

भले ही आपका ब्रेक मातृत्व के कारण था, बिना कामकाजी वीजा के विदेश में रहने के कारण या अन्य किसी और कारणवश  – हम सभी जानते हैं कि भारत में कई बार महिलाओं के करियर में ब्रेक आने से करियर ख़तम हो जाता है।

हालाँकि हमने इस मुद्दे को पहले भी संबोधित किया है, इस लेख में, हमारे पास आपके लिए विशेषज्ञों और करियर सलाहकारों से करियर ब्रेक के बाद दोबारा जॉब शुरू करने के तरीके के बारे में बहुत विशिष्ट सुझाव हैं, भारत के साथ साथ अमेरिका से भी, जहां करियर ब्रेक के बाद के परामर्श कुछ समय से प्रचलन में है।

1. अपने उद्देश्यों को बताएं

साईरी चहल, Fleximoms, कुछ भारतीय कंपनियों में से एक, जो महिलाओं के लिए फ्लेक्सिबल वर्क अपोर्चुनिटीज़  बनाने की दिशा में काम करते हैं की सह-संस्थापक कहती हैं, “यह माना जाता है कि जो व्यक्ति काम के दौरान अंतराल लेते है उनमें प्रतिबद्धता की कमी है। क्या आपका रेज़्यूम उस धारणा को तोड़ता है?” ऐसा करने का एक तरीका है अपने करियर के उद्देश्यों का स्पष्ट विवरण देना। उदाहरण के लिए:

6 साल के अनुभव के साथ कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट, रिटेल इंडस्ट्री में बढ़ते व्यवसायों के साथ काम करने की तलाश में – जहां इन-स्टोर कम्युनिकेशन और सीआरएम प्रोगाम के साथ मेरा अनुभव, गतिशील वातावरण में काम करने का अनुभव, कस्टमर लॉयल्टी और सेल्स में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

यह एम्प्लॉयर को बताता है कि आप सिर्फ नौकरी की तलाश नहीं कर रहे हैं, बल्कि आपके दिमाग में लॉन्ग टर्म प्लान है। जूली लैसौचर, मॉम कॉर्प्स की मालिक, लॉस एंजिल्स, एक ऐसा व्यवसाय जो (स्थिति के अनुरूप) कर्मचारियों को नियोक्ता से जोड़ता है, कहती हैं, “बेस्ट ऑब्जेक्टिव स्टेटमेंट्स कुछ लाइन लम्बी होती हैं और आपकी विशेषज्ञता, उन मूल्यों को बताती है जो आपको कंपनी से जोड़ते हैं, और आपकी आईडल जॉब की बात करती हैं।”

2. क्या महिलाओं को करियर ब्रेक को छुपाना चाहिए?

कुछ सलाहकार आपके एम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री में गेप को छिपाने के लिए ‘रचनात्मक’ तरीकों की सलाह देते हैं – उदाहरण के लिए, एम्प्लॉयमेंट के महीने और वर्ष की सूची नहीं देना, और केवल उपलब्धियों का जिक्र करना। हालाँकि यह नियोक्ता को एक मानक रिज्यूमे से अलग होने के कारण संदिग्ध करते हैं।

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माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन के ह्यूमन रिसोर्स, टाइकन.आर.ऑसबोर्न, जो भारत सहित कई देशों में एन.जी.ओं का समर्थन करते हैं, कहते हैं, “मैं रचनात्मकता के कुछ प्रयासों की तुलना में अंतराल के साथ एक अच्छी तरह लिखित रिज्यूमे को पंसद करूँगा। करियर ब्रेक को समझने के लिए कवर लेटर का सदुपयोग करें और बताये कि क्यों आप उस पद के लिए उच्च हैं।”

साईं चहल एक उदाहरण देते हुए समझते हैं कि किस प्रकार आप अपने पुराने काम से अलग पद के लिए स्वयं को कनेक्ट करें। वे कहती हैं, “यदि आप सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में थे और अब एक टेस्टर्स की नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो बताये कि किस प्रकार डेवलपर के रूप में आपका इनपुट एक मजबूत आधार प्रदान करता है ।”

3. करियर ब्रेक के दौरान LinkedIn प्रोफाइल

इस तरह संभावित एम्प्लॉयर्स को यह आश्वाशन होगा कि आप अपने ब्रेक के बावजूद उद्योग से अच्छी तरह से जुड़े रही, क्योंकि नेटवर्किंग पेशेवरों स्वयं को इंड्रस्टरी नॉलेज और सम्बंधित जानकारी से अपडेट रखते हैं।

रॉय कोहेन, करियर कोच और लेखक, द वॉल स्ट्रीट प्रोफेशनल की सर्वाइवल गाइड कहते हैं, “यह दिखाने के लिए कि आप प्रोफेशनली जुड़े हुए हैं, अपनी लिंक्डइन प्रोफाइल और अन्य करियर से संबंधित सोशल नेटवर्किंग साइटों के लिंक शामिल करें। यह सुनिश्चित करे कि आप तकनीक का उपयोग करने में सहज हैं और सक्रिय रूप से करते हैं। “

4. करियर ब्रेक के बाद दोबारा जॉब शुरू करते हुए रेज़्यूमे में मेट्रिक्स शामिल करें (career break ke baad dobara job shuru karne ke tips)

देखा गया है कि कई रिज्यूमे अस्पष्ट होते हैं और ‘उपलब्धियों’ और ‘ताकत’ के बारे में बात नहीं करते हैं। करियर ब्रेक से लौटने वाली एक महिला के मामले में यह अधिक सामने आता  है, जो पिछले 2-3 वर्षों में वास्तव में औपचारिक कार्य उपलब्धियां पाने में असमर्थ रही है।

कनेक्टिकट-आधारित बिजनेस कोच और कार्यकारी भर्तीकर्ता बेथ कार्टर का कहना है, “मेरी एक टिप होगी कि आपको रेज़्यूमे में मेट्रिक्स को शामिल करना होगा, भले ही यह एक वालंटियर सिचुएशन के लिए हो।” उदाहरण के लिए, बच्चों के स्कूल के लिए किए गए फंड-राइजिंग गतिविधियां प्रस्तुत की जा सकती हैं जैसे –

12 सप्ताह की समय सीमा के भीतर, XYZ  स्कूल के लिए Rs 1,00,000 मूल्य के धन और फंडिंग का सुनियोजन किया, पेरेंट-टीचर एसोसिएशन के साथ समन्वय करते हुए 4000 से अधिक छात्रों की मदद की।

यदि आपके पास अंतराल सम्बन्धी साझा करने के लिए कोई मैट्रिक्स नहीं है, तो कम से कम अपनी पिछली नौकरियों से कुछ मेट्रिक्स शामिल करें। 

5. काम करने वाली माँ कैसे प्रासंगिक रह सकती है

अंत में, अपने ब्रेक के दौरान किए गए कुछ भी हॉबी या अवकाश गतिविधि या कुछ और को ‘गेप को भरने’ के लिए लिए प्रस्तुत न करें। अमेरिका में वकीलों के लिए करियर कंसल्टिंग फर्म लॉटरनेटिव्स के अध्यक्ष चेरिल हेस्लर कहते हैं, “यदि आप इस दौरान कोई फ्रीलांस काम कर रहे हैं, तो इसे ‘परामर्श (कंसल्टिंग)’ के शीर्षक के तहत एक साथ समूहित करें और इस काम के सामान्य प्रकृति की व्याख्या करें। यदि आप कोई वालंटियर वर्क कर रहे हैं, तो उसे ‘नॉन प्रॉफिट ‘ शीर्षक के तहत वर्गीकृत करें और अपने स्वयंसेवी योगदान की प्रकृति का विवरण दें।”

इसे अपने समय को गंभीर उपयोग के रूप में प्रस्तुत करें, जो नियोक्ता को उसी अनुसार प्रतिक्रिया करने की सम्भावना देगा।

मूल चित्र : Canva

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About the Author

Aparna Vedapuri Singh

Founder & Chief Editor of Women's Web, Aparna believes in the power of ideas and conversations to create change. She has been writing since she was ten. In another life, she used to be read more...

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