Sherry

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Working mom and writer by passion

Voice of Sherry

ख्वाबों के सिमटते रंग

तेरे चांद की चांदनी में ऐ आसमान, मेरी जिल्द की परतें अब सुलगती हैं - चांदनी हो या चाहत, वक़्त के साथ सबके मायने ज़िन्दगी अनुसार बदल जाते हैं।

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दृष्टिकोण – कुछ है या कुछ भी नहीं है

ना से बाहर आकर देखिए, ज़िन्दगी बहुत खूबसूरत है,  ये दुनिया बहुत खूबसूरत है - "हर रोज़ गिरकर भी मुकम्मल खड़े हैं, ऐ ज़िन्दगी देख मेरे हौसले तुझसे भी बड़े हैं।" 

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करवा चौथ – एक परंपरा जिसमे बदलाव की सख्त ज़रुरत है आज

अगर आपको करवा चौथ का त्यौहार मनाना ही है तो इसकी ज़िम्मेदारी सिर्फ महिलाओं पर ही क्यों हो? जब खानपान, रहन-सहन, पहनावा ओढ़ावा, रिश्ते नाते, शादी-ब्याह, बोल-चाल, त्योहार सब कुछ बदल गया है, तो ये कुछ चीजें क्यों नहीं बदली? 

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It Isn’t So Simple To ‘Slap The Molester’ Or ‘Speak Up Immediately’, As Is Expected Of Women

A post on how strong women don't say #MeToo after years and have only 'I slapped him' stories is doing social media rounds, and just shows the writer's position of privilege and inability to see the reality around.

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